इस दृश्य में रोमांस और डर का अनोखा मिश्रण है। जब वह युवती ने टाई से बांधा, तो लगा कि प्रेम खेल शुरू हुआ है। परंतु बूढ़ी महिला के आते ही माहौल बदल गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। मेज के नीचे छिपना बहुत जोखिम भरा था। दिल की धड़कनें तेज हो गईं देखकर।
कार्यालय का यह रोमांचक खेल किसी को पसंद आएगा। युवक के चेहरे पर मुस्कान देखकर लगा कि वह सब जानता था। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में यह पल सबसे यादगार है। गुस्से में आई महिला ने सब बदल दिया। छिपने वाली युवती की आंखों में डर साफ दिख रहा था। बहुत ही बेहतरीन अभिनय है।
सस्पेंस बनाए रखने का यह तरीका कमाल का है। जब दरवाजा खुला, तो सबकी सांसें रुक गईं। झूठी कसम, सच्ची लगन के दर्शक इस मोड़ की उम्मीद नहीं कर रहे थे। मेज के नीचे की स्थिति बहुत तनावपूर्ण थी। युवक ने हिम्मत नहीं हारी और शांत रहा। यह साहस देखने लायक है।
हरी साड़ी में वह युवती बहुत सुंदर लग रही थी। टाई बांधने का अंदाज बहुत रोमांटिक था। परंतु कहानी में नाटकीय मोड़ आना जरूरी था। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं। बूढ़ी महिला का गुस्सा असली लग रहा था। डर के मारे युवती कांप रही थी।
पावर समीकरण में बदलाव बहुत दिलचस्प है। पहले युवती हावी थी, फिर स्थिति पलट गई। झूठी कसम, सच्ची लगन की यह कड़ी बहुत चर्चित होगी। युवक की आंखों में चमक देखकर लगा कि वह खेल खेल रहा है। कार्यालय का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया। देखने वालों को पसंद आएगा।