ऑफिस के उस शांत माहौल में जब इस्ला ने वह कैटलॉग दिखाया, तो लगा कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में यह मोड़ बहुत गहरा और अर्थपूर्ण था। उसकी आंखों में डर और गुस्सा साफ दिख रहा था। जब वह खिड़की के पास गई, तो हवा भी रुक सी गई थी। ऐसा लगा जैसे दोनों के बीच की दूरियां मिट रही हों, पर फिर थप्पड़ ने सब बदल दिया। यह दृश्य दिल को छू गया।
अंगूठी के पास लिखा नाम इस्ला ने सब कुछ बदल दिया। झूठी कसम, सच्ची लगन में यह छोटी सी बारीकी बहुत बड़ी लगती है। उसने जब कैटलॉग पकड़ा, तो लगा वह सिर्फ आभूषण नहीं, अपने रिश्ते की कीमत देख रहा है। इस्ला का गुस्सा जायज था, पर उसकी चुप्पी ज्यादा दर्दनाक थी। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखना सुकून देता है। कहानी में जान है।
थप्पड़ की आवाज के बाद कमरे में सन्नाटा छा गया। इस्ला ने अपनी बात बिना बोले ही कह दी। झूठी कसम, सच्ची लगन के इस कड़ी में भावनाओं का जो खेल दिखा, वह कमाल का था। वह दीवार से टिककर खड़ा रहा, जैसे उसे अपनी गलती का अहसास हुआ हो। कभी-कभी खामोशी शोर से ज्यादा तेज होती है। यह दृश्य बहुत यादगार बना। दर्शक सोच में पड़ गए।
दोनों के बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनती थी। जब वह उसके करीब आया, तो सांसें भी रुक सी गईं। झूठी कसम, सच्ची लगन में रोमांस का यह अंदाज बहुत खास है। इस्ला की आंखों में जो चमक थी, वह गुस्से में भी बनी रही। ऑफिस की पृष्ठभूमि में यह कहानी और भी दिलचस्प लगती है। हर पल नया मोड़ ले रहा था। यह जोड़ी जचती है।
कैटलॉग में छिपा राज किसी बम से कम नहीं था। इस्ला ने जानबूझकर वह नाम दिखाया होगा। झूठी कसम, सच्ची लगन की पटकथा में यह चाल बहुत चतुराई भरी थी। उसने जब पन्ना पलटा, तो लगा समय थम गया हो। आभूषण की चमक से ज्यादा उस नाम की चमक थी। यह कहानी मुझे बहुत पसंद आ रही है। आगे क्या होगा देखना है।