PreviousLater
Close

झूठी कसम, सच्ची लगनवां43एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

झूठी कसम, सच्ची लगन

रुद्र, जिसे औरतों से एलर्जी है, नशे में आरोही से शादी कर लेता है। दोनों को एक दूसरे का चेहरा याद नहीं रहता। वह विदेश भाग जाता है। आरोही अपनी माँ के बिलों के लिए संघर्ष करती है। एक साल बाद, रुद्र उससे एक क्लीनर के रूप में मिलता है, उसे कॉन्ट्रैक्ट गर्लफ्रेंड बना लेता है। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं और बाद में पता चलता है कि वे पहले से ही शादीशुदा हैं।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

ज़िप का वो पल

जब उसने बैथरूम में फंसी ज़िप को ठीक करने की कोशिश की, तो हवा में तनाव साफ़ दिख रहा था। वह शख्स दरवाज़े पर खड़ा होकर बेचैन था, और फिर अंदर जाकर मदद की। इस झूठी कसम, सच्ची लगन के सीन में केमिस्ट्री देखते ही बनती है। पसीने की बूंदें और घबराहट ने कहानी को नया मोड़ दिया। बहुत ही रोमांचक अंदाज़ है। नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा ही अलग है। हर पल में संदेह और प्यार दोनों झलकते हैं। दर्शक इस जोड़ी को लेकर काफी उत्सुक हैं। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है।

अस्पताल का झटका

अस्पताल के सीन में डॉक्टर ने जब रिपोर्ट थमाई, तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया। यह झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी अब गंभीर मोड़ ले रही है। क्या वह बीमार है या कोई और राज़ है? उसकी आंखों में डर साफ़ पढ़ा जा सकता था। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं। ऐसे ट्विस्ट ही दर्शकों को बांधे रखते हैं। कहानी में अब गहराई आ गई है। सब कुछ रहस्यमयी लग रहा है।

तोहफे वाली शुरुआत

शुरुआत में उसने जो सफेद बैग दिया, उसमें क्या था यह किसी को नहीं पता। बस इतना पता है कि उसकी खुशी देखने लायक थी। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे छोटे उपहार बड़े मतलब रखते हैं। फिर अचानक तबीयत खराब होना सबको चौंका गया। लगता है कोई बड़ी साजिश चल रही है। मुझे यह सस्पेंस बहुत पसंद आया। हर कोई यह जानना चाहता है कि आगे क्या होगा। तोहफे ने सब बदल दिया।

बेहोशी का डर

जब वह नायिका सिंक के पास गिरने लगी, तो उसने तुरंत उसे संभाल लिया। यह झूठी कसम, सच्ची लगन का सबसे इमोशनल पल था। उसकी आंखों में चिंता और उसके चेहरे पर दर्द साफ़ दिख रहा था। ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। अभिनय बहुत ही लाजवाब है। हर दर्शक इस जोड़ी के लिए दुआ कर रहा होगा। यह दृश्य बहुत ही प्रभावशाली था। भावनाएं साफ़ झलक रही थीं।

गले में उठाना

उसे बांहों में उठाकर ले जाना वाला सीन किसी फिल्मी डायलॉग से कम नहीं था। झूठी कसम, सच्ची लगन में रोमांस की यह परिभाषा है। वह शख्स किसी कीमत पर उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहता था। अस्पताल तक का सफर बहुत भावुक था। मुझे ऐसे किरदार बहुत पसंद आते हैं जो वक्त पर साथ खड़े होते हैं। यह वफादारी देखकर दिल खुश हो गया। सच्चा प्यार यही होता है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down