लुक्का के चेहरे पर वो टूटन देखकर मेरा दिल भर आया। जब उसने गुलदस्ता कूड़ेदान में फेंका, तब समझ आया कि झूठी कसम, सच्ची लगन वाली कहानी सिर्फ किताबों में नहीं होती। इस्ला की चिंता और कैंडी की चालाकी के बीच वो बेचारा फंस गया। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना दुखदायी लेकिन रोचक है। हर पल नया मोड़ लेता है।
कैंडी का किरदार सच में चौंकाने वाला था। इस्ला की किराएदार होकर भी उसने जो किया वो गलत था। पैसे के लिए बुजुर्ग आदमी के साथ वो दृश्य देखकर लुक्का का गुस्सा जायज था। झूठी कसम, सच्ची लगन ड्रामा में ऐसे ट्विस्ट ही जान डालते हैं। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी। मुझे ये स्टाइल पसंद आया।
इस्ला के फोन कॉल वाले सीन में बहुत सस्पेंस था। वो हॉस्पिटल के बारे में बात कर रही थी या कुछ और? लुक्का को सच्चाई पता चलने से पहले ही सब गड़बड़ हो गया। झूठी कसम, सच्ची लगन की स्टोरीलाइन बहुत तेज रफ्तार है। हर एपिसोड के बाद बस अगला पार्ट देखने का मन करता है। क्वालिटी भी अच्छी है।
शादी का प्रमाण पत्र दिखाकर फिर ये सब देखना दिल तोड़ने वाला है। लुक्का और इस्ला का रिश्ता क्या सच में टूट गया? कैंडी के बीच में आने से सब गड़बड़ा गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में रिश्तों की ये नाजुक डोर बहुत खूबसूरती से दिखाई गई है। वीवर्स को ये पसंद आएगा। कहानी गहरी है।
गुलाब के फूल और गिफ्ट लेकर वो घर पहुंचा, पर मंजिल ही बदल गई। कैंडी ने पैसे गिनते हुए जो मुस्कान दी, उसने लुक्का को अंदर तक हिला दिया। झूठी कसम, सच्ची लगन जैसे शो में ऐसे सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। विजुअल्स बहुत ही शानदार और साफ हैं। देखने में मजा आता है।