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तीन मामाओं का पछतावावां35एपिसोड

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तीन मामाओं का पछतावा

ईशा सिंह की मौत के बाद उसकी बीमार बेटी जिया अकेली रह जाती है। एक नकली बच्ची उसकी पहचान चुरा लेती है, और जिया को अपने ही मामाओं के घर एक तरह से प्रताड़ित अनाथ की तरह रहना पड़ता है। झूठे इल्ज़ाम में फँसने के बाद, जिया सबसे नाता तोड़ लेती है और अपनी माँ की सहेली जुही के पास शरण लेती है। जब सच्चाई सामने आती है, तब मामा लोग माफी की भीख माँगते हैं, लेकिन जिया के चेहरे पर सिर्फ खामोशी होती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

छोटी सी चाबी ने खोला बड़ा राज

जब उस लड़के ने तकिए के नीचे से वह पुरानी चाबी निकाली,तो सबकी सांसें थम गईं। माँ की आँखों में डर और पिता के चेहरे पर गहरा अफसोस साफ दिख रहा था। तीन मामाओं का पछतावा उसी पल शुरू हुआ जब उन्हें एहसास हुआ कि वे कितनी बड़ी गलती कर बैठे हैं। वह प्रोजेक्टर चलते ही सब कुछ बदल गया।

प्रोजेक्टर की रोशनी में छिपा सच

अंधेरे कमरे में जब प्रोजेक्टर चला और स्क्रीन पर वह पुरानी तस्वीर आई, तो माँ रो पड़ी। उसकी आवाज़ में दर्द था और पिता की चुप्पी में पछतावा। तीन मामाओं का पछतावा सिर्फ एक वीडियो से नहीं, बल्कि उस पल से शुरू हुआ जब उन्होंने अपनी बेटी को खो दिया था। अब सब कुछ सामने आ गया है।

माँ का दर्द और पिता की खामोशी

जब माँ ने अपने हाथों से अपना मुँह ढका और रोने लगी, तो दिल दहल गया। पिता की आँखों में आंसू थे लेकिन वे कुछ बोल नहीं रहे थे। तीन मामाओं का पछतावा उस पल चरम पर था जब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी गलतियों ने कितना कुछ बर्बाद कर दिया। वह चाबी सिर्फ एक चीज नहीं, बल्कि एक राज थी।

वह लड़की और उसकी आँखों का डर

जब वह छोटी लड़की स्क्रीन पर आई और उसकी आँखों में डर था, तो सबके रोंगटे खड़े हो गए। माँ की चीख और पिता की चुप्पी ने उस पल को और भी दर्दनाक बना दिया। तीन मामाओं का पछतावा उसी पल शुरू हुआ जब उन्होंने अपनी बेटी को अकेला छोड़ दिया था। अब सब कुछ सामने आ गया है और कोई वापसी नहीं।

चाबी से शुरू हुआ अंधेरा सच

जब उस लड़के ने चाबी निकाली और उसे पिता को दिया, तो सबकी सांसें थम गईं। माँ की आँखों में डर और पिता के चेहरे पर गहरा अफसोस साफ दिख रहा था। तीन मामाओं का पछतावा उसी पल शुरू हुआ जब उन्हें एहसास हुआ कि वे कितनी बड़ी गलती कर बैठे हैं। वह प्रोजेक्टर चलते ही सब कुछ बदल गया।

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