बूढ़े आदमी का दर्द देखकर दिल पसीज गया। वह जिस तरह से रो रहे थे और अपनी टोपी को सीने से लगाए बैठे थे, उसमें एक अजीब सी बेबसी थी। परिवार के बाकी लोग भी उनकी पीड़ा को महसूस कर रहे थे। तीन मामाओं का पछतावा देखकर लगता है कि यह कहानी किसी गहरे राज को छुपाए हुए है। माहौल इतना भारी था कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।
जब लंबे बालों वाले लड़के ने ताना मारा, तो कमरे का माहौल एकदम बदल गया। काले सूट वाले आदमी का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। उसने जिस तरह से उसे पकड़कर धक्का दिया, वह सच में चौंकाने वाला था। तीन मामाओं का पछतावा शायद इसी झगड़े की वजह से है। हर किसी के चेहरे पर नफरत साफ झलक रही थी।
उस छोटी बच्ची की आंखों में जो डर था, वह किसी वयस्क से ज्यादा गहरा लग रहा था। जब वह जमीन पर गिर गई और रोने लगी, तो दिल टूट गया। शायद वह सब कुछ समझती है जो बड़े लोग छुपा रहे हैं। तीन मामाओं का पछतावा उसकी मासूमियत को कुचल रहा है। उसका चेहरा देखकर लगता है कि वह अकेली सच जानती है।
गुलाबी सूट पहने उस लड़के की हरकतें सच में झेलने लायक नहीं थीं। वह जिस अंदाज में सबका मजाक उड़ा रहा था, उससे साफ जाहिर था कि उसे किसी की परवाह नहीं है। जब उसे जमीन पर गिराया गया, तो लगा कि अहंकार का अंत हो गया। तीन मामाओं का पछतावा शायद उसी की वजह से शुरू हुआ था। उसकी हंसी अब कहीं खामोशी में बदल गई है।
उस औरत का चेहरा देखकर लगता है कि वह सालों से संघर्ष कर रही है। जब वह बच्ची का हाथ पकड़े चल रही थी, तो उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। शायद वह अपनी बेटी को इस नर्क से बचाना चाहती है। तीन मामाओं का पछतावा उसके कंधों पर बोझ बनकर बैठ गया है। वह चुपचाप सब सह रही है, लेकिन अंदर से टूट चुकी है।