PreviousLater
Close

तीन मामाओं का पछतावावां39एपिसोड

like2.0Kchase1.5K

तीन मामाओं का पछतावा

ईशा सिंह की मौत के बाद उसकी बीमार बेटी जिया अकेली रह जाती है। एक नकली बच्ची उसकी पहचान चुरा लेती है, और जिया को अपने ही मामाओं के घर एक तरह से प्रताड़ित अनाथ की तरह रहना पड़ता है। झूठे इल्ज़ाम में फँसने के बाद, जिया सबसे नाता तोड़ लेती है और अपनी माँ की सहेली जुही के पास शरण लेती है। जब सच्चाई सामने आती है, तब मामा लोग माफी की भीख माँगते हैं, लेकिन जिया के चेहरे पर सिर्फ खामोशी होती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

तस्वीर से शुरू हुआ तूफान

जब उसने फ्रेम उठाया, तो लगा सब ठीक है, पर चेहरे का बदलता भाव देखकर समझ आया कि कुछ गड़बड़ है। फिर वो फ्रेम तोड़ दिया — बस वहीं से शुरू हुई असली कहानी। तीन मामाओं का पछतावा में ऐसे मोड़ बार-बार दिल धड़का देते हैं। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा जैसे मैं भी उस कमरे में खड़ा हूं।

बार का वो रात का सीन

नीली रोशनी, शराब के गिलास, और उसका गुस्सा — सब कुछ इतना तीव्र था कि सांस रुक गई। जब उसने पैसे निकाले और उस आदमी को दिए, तो लगा ये कोई साधारण लेन-देन नहीं, बल्कि बदले की शुरुआत है। तीन मामाओं का पछतावा में हर सीन में एक नया रहस्य छिपा है।

बच्ची की चुप्पी सबसे डरावनी

वो छोटी लड़की कुछ नहीं बोलती, बस देखती रहती है — और यही उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। जब मां चिल्ला रही थी, तो बच्ची की आंखों में डर नहीं, बल्कि समझदारी थी। तीन मामाओं का पछतावा में बच्चों के किरदार भी इतने गहरे क्यों होते हैं? नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर मन भर जाता है।

जेल का वो अंधेरा कोना

दीवार पर 'आरक्षित' लिखा था, और वो लड़की कोने में बैठी थी — बिल्कुल अकेली। जब पानी गिरा, तो लगा जैसे उसकी आत्मा भी भीग गई हो। तीन मामाओं का पछतावा में ऐसे सीन देखकर लगता है कि हर किरदार के पास एक दर्दनाक कहानी है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामे देखना मेरी आदत बन गई है।

उसकी आंखों में था बदला

जब उसने उस आदमी के सीने पर पैसे रखे, तो उसकी आंखों में गुस्सा नहीं, बल्कि एक ठंडा बदला था। वो मुस्कुराई, पर उस मुस्कान में कोई खुशी नहीं थी। तीन मामाओं का पछतावा में हर मुस्कान के पीछे एक कहानी छिपी होती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि मैं खुद उसकी जगह होता।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down