PreviousLater
Close

तीन मामाओं का पछतावावां45एपिसोड

like2.0Kchase1.5K

तीन मामाओं का पछतावा

ईशा सिंह की मौत के बाद उसकी बीमार बेटी जिया अकेली रह जाती है। एक नकली बच्ची उसकी पहचान चुरा लेती है, और जिया को अपने ही मामाओं के घर एक तरह से प्रताड़ित अनाथ की तरह रहना पड़ता है। झूठे इल्ज़ाम में फँसने के बाद, जिया सबसे नाता तोड़ लेती है और अपनी माँ की सहेली जुही के पास शरण लेती है। जब सच्चाई सामने आती है, तब मामा लोग माफी की भीख माँगते हैं, लेकिन जिया के चेहरे पर सिर्फ खामोशी होती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

बच्ची की चुप्पी सबसे भारी थी

उस छोटी सी बच्ची की आँखों में जो दर्द था, वो किसी डायलॉग से ज़्यादा बोल रहा था। जब वो चुपचाप खड़ी थी और बड़े लोग शोर मचा रहे थे, तो लग रहा था जैसे दुनिया का सारा बोझ उसके कंधों पर हो। तीन मामाओं का पछतावा देखकर दिल दहल गया, खासकर जब माँ ने उसे समझाने की कोशिश की।

नीली सूट वाले की बेबसी

नीली सूट पहने शख्स की हालत देखकर तरस आ रहा था। वो बार-बार समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं था। उसकी आवाज़ में जो गिड़गिड़ाहट थी, वो साफ़ जाहिर कर रही थी कि वो कितना टूट चुका है। तीन मामाओं का पछतावा सच में दिल को छू लेने वाला है।

माँ का चेहरा सब बता रहा था

हरे रंग की शर्ट वाली महिला के चेहरे पर जो भाव थे, वो हजारों कहानियाँ कह रहे थे। वो नाराज़ भी थी और मजबूर भी। जब उसने चेकबुक निकाली, तो लगा जैसे उसने अपने जज़्बातों को भी नंबरों में तब्दील कर दिया हो। तीन मामाओं का पछतावा में ऐसे सीन्स बहुत गहराई से उतारे गए हैं।

पैसे से रिश्ते नहीं जुड़ते

जब वो औरत चेक लिख रही थी, तो ऐसा लग रहा था जैसे वो पैसे से अपने अपराधबोध को खरीद रही हो। बच्ची की मासूमियत के सामने ये कागज़ के टुकड़े कितने बेकार लग रहे थे। तीन मामाओं का पछतावा ने ये सबक बहुत खूबसूरती से सिखाया है कि पैसा सब कुछ नहीं होता।

बगीचे का माहौल और तनाव

हरियाली और धूप वाले बगीचे में जो तनाव था, वो कमाल का था। चारों तरफ शांति थी, लेकिन इंसानों के बीच जंग छिड़ी हुई थी। ये विरोधाभास सीन को और भी ड्रामेटिक बना रहा था। तीन मामाओं का पछतावा की शूटिंग लोकेशन ने कहानी की गहराई को और बढ़ा दिया है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down