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तीन मामाओं का पछतावा

ईशा सिंह की मौत के बाद उसकी बीमार बेटी जिया अकेली रह जाती है। एक नकली बच्ची उसकी पहचान चुरा लेती है, और जिया को अपने ही मामाओं के घर एक तरह से प्रताड़ित अनाथ की तरह रहना पड़ता है। झूठे इल्ज़ाम में फँसने के बाद, जिया सबसे नाता तोड़ लेती है और अपनी माँ की सहेली जुही के पास शरण लेती है। जब सच्चाई सामने आती है, तब मामा लोग माफी की भीख माँगते हैं, लेकिन जिया के चेहरे पर सिर्फ खामोशी होती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बूढ़ी औरत का खौफनाक चेहरा

वीडियो की शुरुआत में ही बूढ़ी औरत का गुस्से से भरा चेहरा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी आँखों में जो पागलपन था, वो किसी विलेन से कम नहीं लग रहा था। बच्ची के साथ उसका व्यवहार बेहद क्रूर था, जैसे वो किसी जानवर की तरह पेश आ रही हो। तीन मामाओं का पछतावा देखने के बाद समझ आया कि असली खलनायक कौन है। अस्पताल का माहौल और नर्सों की लापरवाही ने डर को और बढ़ा दिया।

माँ और बेटी का दर्दनाक बिछड़ना

जब माँ को स्ट्रेचर पर ले जाया गया और बेटी चीखती रही, तो दिल पसीज गया। उस छोटी बच्ची की आँखों में माँ को खोने का डर साफ दिख रहा था। बूढ़ी औरत ने जब फोटो फ्रेम तोड़ा, तो लगा जैसे उसने बच्ची के दिल को तोड़ दिया हो। तीन मामाओं का पछतावा में ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर आँखें नम हो गईं। उस चाबी वाले पेंडेंट ने कहानी में एक नया मोड़ ला दिया है।

अमीर बाप की एंट्री और रोंगटे

जब तीन लग्जरी कारें एक साथ आईं और उनमें से तीन अमीर आदमी उतरे, तो सीन बहुत पावरफुल था। रॉल्स रॉयस और स्पोर्ट्स कार देखकर लगा कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आएगा। उन तीनों के चेहरे पर गुस्सा और चिंता साफ दिख रही थी। तीन मामाओं का पछतावा में अब लगता है कि ये तीनों उस बच्ची के पिता या रिश्तेदार हो सकते हैं जो बदला लेने आए हैं।

नर्स की बेरुखी और क्रूरता

नर्स का व्यवहार देखकर बहुत गुस्सा आया। वो बच्ची को धक्का दे रही थी और माँ को ले जाते वक्त कोई सहानुभूति नहीं दिखा रही थी। अस्पताल का माहौल इतना डरावना था कि लगा जैसे कोई जेल हो। तीन मामाओं का पछतावा में ऐसे सीन्स दिखाते हैं कि सिस्टम कितना सड़ा हुआ हो सकता है। बच्ची की मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा था, जो बहुत दुखद था।

चाबी का रहस्य और उम्मीद

माँ ने बेटी को जो चाबी वाला पेंडेंट दिया, वो शायद कहानी की चाबी है। उस पल में माँ का प्यार और बेटी का दर्द दोनों साफ दिख रहे थे। बूढ़ी औरत के क्रूर व्यवहार के बीच ये छोटी सी उम्मीद की किरण थी। तीन मामाओं का पछतावा में ये डिटेल्स बहुत अच्छी लगीं। अब सवाल ये है कि ये चाबी किस ताले को खोलेगी और क्या ये बच्ची को बचा पाएगी।

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