जब सफेद पोशाक वाली रानी ने अपनी तलवार उठाई, तो पूरा दरबार सन्न रह गया। उसकी आँखों में क्रोध और दृढ़ संकल्प साफ दिख रहा था। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का वो पल जब वो सामने वाले को चुनौती देती है, रोंगटे खड़े कर देता है। उसका स्टैंड लेना दिखाता है कि वो सिर्फ एक सुंदर चेहरा नहीं, बल्कि एक योद्धा भी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।
नीले वस्त्रों वाले योद्धा ने जब अपनी दो तलवारें आर पार कीं, तो लगा जैसे युद्ध शुरू हो गया हो। उसकी मुस्कान में एक अजीब सा आत्मविश्वास था। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस दृश्य में उसका अभिनय लाजवाब है। वो जानता है कि कैसे भीड़ का ध्यान खींचना है। उसकी हरकतें और चेहरे के भाव बताते हैं कि वो खतरनाक खिलाड़ी है।
सिंहासन पर बैठे सम्राज्ञी का चेहरा पत्थर जैसा सख्त था, लेकिन उनकी आँखों में एक गहरा रहस्य छिपा था। वो सब कुछ देख रही थीं, लेकिन कुछ नहीं बोल रहीं थीं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस मोड़ पर उनकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। लगता है वो किसी बड़ी साजिश की मुख्य सूत्रधार हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सस्पेंस देखना मजेदार है।
पंखा वाले युवक का अंदाज बिल्कुल अलग था। वो शांत खड़ा था, लेकिन उसकी आँखें सब कुछ भांप रही थीं। जब उसने पंखा बंद किया, तो लगा जैसे वो किसी हमले की तैयारी कर रहा हो। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लग रहा है। वो दोस्त है या दुश्मन, ये कहना मुश्किल है। उसकी स्माइल में एक चालाकी है।
लाल और नीले वस्त्रों वाले दोनों युवकों के बीच की बहस बहुत तेज थी। एक गुस्से में चिल्ला रहा था, तो दूसरा शांति से समझा रहा था। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस सीन में उनकी केमिस्ट्री बहुत अच्छी लगी। लगता है ये दोनों किसी बड़ी मुसीबत में फंस चुके हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ पता चल रहा था कि मामला गंभीर है।