इस दृश्य में बूढ़े ताओवादी का व्यवहार बहुत ही रहस्यमयी लगता है। वह शराब पीते हुए भी युवक की बातों को गंभीरता से सुन रहा है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्यों की याद दिलाता है यह संवाद। हरे धुएं का प्रयोग करके युवक को बाहर फेंकना एक शानदार विजुअल इफेक्ट था जो दर्शकों को बांधे रखता है।
युवक का बार-बार गुरु के पास जाना और कुछ मांगना दिखाता है कि वह कितना जिद्दी है। लेकिन गुरु का गुस्सा और अंत में उसे बाहर फेंकना एकदम सही लगा। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार की तरह ही यहां भी शक्ति का प्रदर्शन देखा गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना बहुत रोमांचक होता है।
मंदिर के अंदर का माहौल बहुत ही शांत और रहस्यमयी है। मोमबत्तियों की रोशनी और बड़ी मूर्ति के सामने यह संवाद और भी गहरा लगता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्यों में भी ऐसा ही माहौल होता है। बूढ़े ताओवादी का हरे धुएं से युवक को बाहर निकालना एक शानदार दृश्य था।
बूढ़े ताओवादी द्वारा हरे धुएं का प्रयोग करके युवक को बाहर फेंकना एक शानदार विजुअल इफेक्ट था। यह दृश्य मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार की याद दिलाता है जहां जादूई शक्तियों का प्रयोग होता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना बहुत रोमांचक होता है और दर्शकों को बांधे रखता है।
गुरु और शिष्य के बीच का यह टकराव बहुत ही दिलचस्प है। युवक की जिद्द और गुरु का गुस्सा एकदम सही लगा। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार की तरह ही यहां भी शक्ति का प्रदर्शन देखा गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना बहुत रोमांचक होता है और दर्शकों को बांधे रखता है।