जब वह युवक अचानक अपनी शक्तियों का प्रयोग करता है, तो पूरा माहौल बदल जाता है। उसकी आँखों में जो आत्मविश्वास है, वह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस दृश्य में एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण है। बूढ़े गुरु का चेहरा देखकर लगता है कि उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया है। यह पल वास्तव में रोमांचक था।
वह काला कवच पहने व्यक्ति कितना भी डरावना क्यों न लगे, अंत में उसे झुकना ही पड़ा। जब युवक ने अपनी ऊर्जा छोड़ी, तो वह राक्षस धूल में मिल गया। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार की कहानी में यह मोड़ बहुत ही संतोषजनक लगा। काले लिबास वाली महिला की हैरानी भी देखने लायक थी। ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं।
बूढ़े गुरु का चेहरा देखकर लगता है कि वे अपने शिष्य को रोकना चाहते थे, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। युवक का गुस्सा और उसकी आँखों में चमक साफ दिखाई दे रही थी। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस सीन में ड्रामा और एक्शन दोनों ही शानदार हैं। जब वह अपनी शक्ति दिखाता है, तो सबकी सांसें थम जाती हैं।
सफेद पोशाक पहने युवती का डर और चिंता साफ झलक रही थी। जब युवक ने हमला किया, तो वह पीछे हट गई। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसे इमोशनल पल कहानी को गहराई देते हैं। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर भय देखकर लगता है कि वह कुछ छुपा रही है। यह दृश्य बहुत ही भावनात्मक था।
जब वह काला राक्षस धूल में मिल गया, तो पूरे मैदान में शांति छा गई। युवक की जीत देखकर सब हैरान थे। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का यह अंत बहुत ही शानदार था। उसकी मुस्कान और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि वह अब बदल चुका है। ऐसे पल दर्शकों को रोमांचित करते हैं।