जब सफेद पोशाक पहने युवक ने आसमान में उड़ते हुए बिजली का गोला बनाया, तो पूरा दरबार सन्न रह गया। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी, जैसे वह किसी देवता का अवतार हो। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार की कहानी में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। नीली रोशनी और बादलों की गरज ने माहौल को और भी डरावना बना दिया। लगता है अब असली युद्ध शुरू होने वाला है।
काले वस्त्रों में लिपटा वह व्यक्ति, जो कभी इतना घमंडी लगता था, आज जमीन पर गिरा हुआ है। उसके चेहरे पर हार का दर्द साफ झलक रहा था। जब सफेद पोशाक वाले ने हमला किया, तो वह बचाव भी नहीं कर पाया। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस मोड़ ने सबको चौंका दिया। उसकी आँखों में अब डर था, गुस्सा नहीं। शायद उसे अपनी गलतियों का अहसास हो गया हो।
नीली पोशाक पहने वह युवक, जो शुरू में शराब पीकर सो रहा था, अचानक कैसे जाग गया? उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी, जैसे वह कुछ जानता हो जो दूसरे नहीं जानते। जब उसने हाथ उठाया और सुनहरी रोशनी निकली, तो सबकी सांसें रुक गईं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसा ट्विस्ट किसी ने नहीं सोचा था। वह साधारण नहीं, बल्कि कोई छिपा हुआ शक्तिशाली योद्धा लग रहा था।
सफेद साड़ी पहने वह युवती, जो जमीन पर गिरा हुआ था, उसके चेहरे पर दर्द और डर दोनों थे। उसके मुंह से खून बह रहा था, लेकिन वह फिर भी उठने की कोशिश कर रही थी। जब नीली पोशाक वाले ने उसे देखा, तो उसकी आँखों में चिंता झलक रही थी। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में इस दृश्य ने दिल को छू लिया। उसकी कमजोरी में भी एक ताकत थी, जो सबको प्रेरित कर रही थी।
जब सफेद पोशाक वाले की नीली बिजली और नीली पोशाक वाले की सुनहरी आग आमने-सामने आईं, तो पूरा आंगन रोशनी से जगमगा उठा। दोनों की शक्तियाँ इतनी तीव्र थीं कि हवा में चिंगारियाँ उड़ रही थीं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का यह दृश्य सबसे रोमांचक था। दर्शक भी अपनी सांसें रोके देख रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे दो देवताओं का युद्ध हो रहा हो, जहाँ हर पल मौत का खतरा था।