इस दृश्य में राजसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण है, लेकिन बीच में एक युवक का ज़मीन पर लेटना और फिर उठकर बात करना सबको हैरान कर रहा है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्यों की याद ताज़ा हो जाती है जब वो युवक अपनी बात रखता है। रानी का चेहरा गंभीर है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ छिपा हुआ लगता है।
एक साधारण युवक इतनी बड़ी सभा में बिना डरे अपनी बात रख रहा है, ये देखकर लगता है कि उसके पीछे कोई बड़ी ताकत है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार वाले दृश्यों की तरह ही यहाँ भी एक अलग ही ऊर्जा है। रानी और सिपाहियों के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही है।
रानी का चेहरा पत्थर जैसा है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ छिपा हुआ लगता है। जब वो युवक से बात करती है, तो लगता है कि वो कुछ जानती है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्यों की तरह ही यहाँ भी एक गहरा रहस्य है। सिपाहियों की तैनाती और राजसभा का माहौल सब कुछ बता रहा है।
सिपाहियों की तैनाती और उनके चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा है। ये सब कुछ बता रहा है कि कुछ बड़ा होने वाला है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार वाले दृश्यों की तरह ही यहाँ भी एक अलग ही ऊर्जा है। युवक की हिम्मत और रानी का गंभीर चेहरा सब कुछ बता रहा है।
युवक और रानी के बीच की बातचीत बेहद दिलचस्प है। रानी का चेहरा गंभीर है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ छिपा हुआ लगता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्यों की याद ताज़ा हो जाती है जब वो युवक अपनी बात रखता है। राजसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण है।