वीडियो की शुरुआत में ही सफेद पोशाक पहनी वह लड़की जब नीली रोशनी के साथ खड़ी होती है, तो लगता है जैसे कोई देवी उतर आई हो। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो दर्शकों को बांध लेती है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे दृश्य देखकर लगता है कि यह कहानी जादू और शक्ति से भरी है। उसका वह भारी बर्तन उठाना वाकई अद्भुत था।
नीले रंग के फटे हुए कपड़ों में वह युवक बहुत ही मासूम और प्यारा लग रहा था। जब वह जमीन पर बैठा हुआ उस सुंदरी को देख रहा था, तो उसके चेहरे पर जो भाव थे, वे दिल को छू लेने वाले थे। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के संदर्भ में उसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण लगती है। उसकी सादगी और निडरता दर्शकों को पसंद आएगी।
जब सभी गुरुजन सभा में बैठे होते हैं और उस लड़की के प्रदर्शन को देख रहे होते हैं, तो उनका रौब और गंभीरता देखने लायक होती है। विशेष रूप से वह बुजुर्ग व्यक्ति जो हाथ में गोला लिए बैठा है, उसकी उपस्थिति बहुत प्रभावशाली है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार जैसे महाकाव्य में ऐसे पात्रों की जरूरत होती है जो कहानी को गहराई दें।
जब वह सफेद पोशाक वाली लड़की उस विशाल और भारी बर्तन को अपनी शक्ति से उठाती है, तो स्क्रीन पर जो ऊर्जा दिखाई देती है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जमीन में दरारें पड़ना और नीली बिजली का चमकना इस दृश्य को और भी रोमांचक बनाता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के एक्शन सीन्स की झलक यहाँ मिलती है।
सफेद और सुनहरे कपड़ों में वह युवक बहुत ही घमंडी और आत्मविश्वासी लग रहा था। जब वह उस बर्तन को उठाने की कोशिश करता है और उसके शरीर से नीली बिजली निकलती है, तो लगता है कि वह कोई बड़ा जादूगर है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसे विरोधी पात्रों का होना कहानी में रोचकता लाता है। उसकी मुस्कान में एक चालाकी थी।