जब वह राक्षस हवा में तैरकर बैंगनी ऊर्जा गोला फेंकता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का यह दृश्य वास्तव में दिल दहला देने वाला है। उसकी आँखों में पागलपन और चेहरे पर क्रूर मुस्कान देखकर लगता है कि वह किसी इंसान से नहीं, बल्कि शैतान से लड़ रहे हैं। विशेष प्रभाव बहुत शानदार हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं।
जब नायक जमीन पर गिरा हुआ है और उसके मुंह से खून बह रहा है, तो दिल टूट जाता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि दर्शक खुद को उसकी जगह महसूस करने लगते हैं। उसकी आँखों में हार नहीं, बल्कि बदले की आग साफ दिख रही है। यह क्षण फिल्म का सबसे भावनात्मक पल है जो हर किसी को रुला सकता है।
सफेद पोशाक पहनी वह महिला जब राक्षस के हमले को देखकर चीखती है, तो उसकी आवाज़ में सच्चा डर महसूस होता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस दृश्य में उसकी भावनाएं इतनी सजीव हैं कि लगता है वह सचमुच खतरे में है। उसके हाथों का कांपना और चेहरे पर भय देखकर लगता है कि वह अपने प्रियजन को खोने से डर रही है।
नीले वस्त्र पहने वह योद्धा जब राक्षस के सामने खड़ा होता है, तो उसकी आँखों में आत्मविश्वास और चेहरे पर दृढ़ संकल्प दिखता है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में उसका यह दृश्य बहुत प्रेरणादायक है। वह अकेले खड़ा होकर भी डरता नहीं है, जो दिखाता है कि सच्चा योद्धा कभी हार नहीं मानता। उसकी मुद्रा और अभिव्यक्ति दर्शकों को जोश से भर देती है।
राक्षस जब बैंगनी बिजली से घिरकर हंसता है, तो उसकी आवाज़ में पागलपन और चेहरे पर क्रूरता साफ दिखती है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का यह दृश्य वास्तव में डरावना है। उसकी आँखों में इंसानियत का कोई अंश नहीं बचा है, बस विनाश की चाहत है। अभिनेता ने इस किरदार को इतनी अच्छी तरह निभाया है कि दर्शक उससे नफरत करने लगते हैं।