जब वह काले लिबास वाला शख्स हवा में तैरने लगा और उसके हाथों से बैंगनी ऊर्जा निकलने लगी, तो मेरी रूह कांप गई। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार का यह सीन सच में दिल दहला देने वाला है। उसकी आंखों में जो क्रूरता थी, वह किसी विलेन से कम नहीं लग रही थी। दर्शकों की घबराहट साफ दिख रही थी, खासकर उस सफेद पोशाक वाली लड़की की हालत देखकर लग रहा था कि सब खत्म होने वाला है।
नीले और भूरे रंग के फटे कपड़ों वाला यह युवक इतना शांत कैसे खड़ा है? सामने इतनी बड़ी ताकत मंडरा रही है, फिर भी इसके चेहरे पर डर नहीं बल्कि एक अजीब सी मुस्कान है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। लगता है इसके पास कोई गुप्त शक्ति है जो अभी तक सामने नहीं आई है। इसकी आंखों में जो चमक है, वह जीत का संकेत दे रही है।
पीछे बैठे लोग, खासकर वह नीले लिबास वाला व्यक्ति और सफेद कपड़ों वाली महिला, सबकी हालत खराब है। चेहरे पर पसीना और आंखों में मौत का डर साफ झलक रहा है। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार के इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह जमीन पर गिरती है, तो लगता है जैसे उम्मीद की आखिरी किरण भी बुझ गई हो। यह सीन सस्पेंस से भरपूर है।
उस काले जादूगर ने जब अपने हाथों के बीच बैंगनी रंग का ऊर्जा गोला बनाया, तो आसमान में बिजली कड़कने लगी। यह विजुअल इफेक्ट्स कमाल के हैं। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में ऐसे एक्शन सीन्स देखकर रोमांच अपने आप बढ़ जाता है। वह गोला किसी ग्रह जैसा लग रहा था जो पूरी दुनिया को निगल सकता है। उसकी आवाज में जो गूंज थी, उससे पत्थर भी कांप उठें।
दोनों योद्धाओं के बीच की दूरी और उनकी आंखों का मिलना, यह सब एक बड़े धमाके से पहले की खामोशी लग रहा था। मदहोशी में तलवार से राक्षस संहार में यह पल सबसे ज्यादा इंतजार वाला है। एक तरफ घमंडी शक्ति और दूसरी तरफ शांत लेकिन खतरनाक चेहरा। हवा में तनाव इतना गाढ़ा था कि उसे छूा जा सकता था। यह मुकाबला सिर्फ ताकत का नहीं, बल्कि इरादों का भी है।