इस दृश्य में भावनाओं का इतना विस्फोट हुआ कि सांस रुक गई। सफेद सूट वाली महिला की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों थे, जबकि जमीन पर गिरा युवक चीख रहा था। तूफान: पिता के कंधे का यह मोड़ बहुत भारी पड़ा। पिता का दौड़कर आना और बेटे को संभालना दिल को छू गया। हर चेहरे पर कहानी लिखी थी।
जब वह बुजुर्ग व्यक्ति दौड़कर आया और अपने घायल बेटे को गोद में लिया, तो मेरी आंखें नम हो गईं। उसकी आवाज में वह कंपन जो था, वह सिर्फ एक पिता ही महसूस कर सकता है। तूफान: पिता के कंधे ने दिखाया कि मुसीबत में कौन साथ खड़ा होता है। बाकी सब शोर थे, बस यह रिश्ता सच्चा था।
वह महिला जो सफेद सूट में खड़ी थी, उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। उसने जब उस युवक को धक्का दिया, तो लगा जैसे किसी ने दिल पर पत्थर रख दिया हो। तूफान: पिता के कंधे में उसका किरदार बहुत गहरा है। क्या वह विलेन है या मजबूर? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।
पूरा गोदाम चीखों और रोने से गूंज रहा था। पुलिस वाले बस तमाशबीन बने खड़े थे, जबकि असली ड्रामा बीच में चल रहा था। तूफान: पिता के कंधे का यह सीन बहुत तीव्र था। कैमरा हर चेहरे के भाव को पकड़ रहा था, खासकर उस लड़की का जो अपने प्रेमी को संभाल रही थी।
उस युवक के मुंह से खून बह रहा था और वह बेहोश हो रहा था, यह देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी प्रेमिका उसे पकड़े हुए थी, लेकिन वह कुछ नहीं कर सकती थी। तूफान: पिता के कंधे में यह दृश्य बहुत दर्दनाक था। पिता का चेहरा देखकर लगा जैसे वह टूट गया हो।