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तूफान: पिता के कंधेवां28एपिसोड

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तूफान: पिता के कंधे

राजेंद्र वर्मा एक मछली वाला है, लेकिन असल में वह एक अरबपति है। उसका बेटा करण साधारण जिंदगी जीता है। लक्की सिंह, करण की मंगेतर ज्योति के साथ मिलकर, एक छोटी सी टक्कर का बदला लेने के लिए करण को ब्लैकमेल करता है और उसकी जान लगभग ले ही लेता है। राजेंद्र आखिरी वक्त पर करण को बचाता है, लेकिन सच सामने आने पर पता चलता है कि असली गद्दार उसका अपना भरोसेमंद दोस्त है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कांच के उस पार का संघर्ष

जेल की मुलाकात वाली इस सीन में जो तनाव है वो कमाल का है। कांच की दीवार दोनों तरफ खड़े लोगों के बीच एक बड़ी खाई बन गई है। कैदी नंबर 0574 का गुस्सा और सामने खड़े शख्स की बेचैनी साफ दिख रही है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि हर डायलॉग में कितनी गहराई छिपी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है।

भावनाओं का तूफान

इस वीडियो में जो इमोशनल रोलरकोस्टर दिखाया गया है, वो दिल को छू लेता है। सफेद साड़ी वाली महिला की चुप्पी और पीछे खड़े गार्ड की मौजूदगी माहौल को और भी गंभीर बना देती है। तूफान: पिता के कंधे की कहानी में ये पल बहुत अहम लगता है जहाँ शब्दों से ज्यादा आँखों की बात हो रही है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना सुकून देता है।

गुस्से की आग

कैदी नंबर 0574 का चेहरा जब गुस्से से लाल हो जाता है, तो लगता है जैसे वो सब कुछ तोड़ देगा। सामने वाले का डर और हैरानी साफ झलक रही है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे सीन्स दिखाकर डायरेक्टर ने दर्शकों को बांधे रखा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना मेरा दिन बना देता है।

खामोशी का शोर

कभी-कभी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। इस सीन में वो ही हो रहा है। कैदी नंबर 0574 और सामने वाले के बीच की दूरी और तनाव कमाल का है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे पलों को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है।

रिश्तों की जंग

इस वीडियो में जो रिश्तों की जंग दिखाई गई है, वो दिल को छू लेती है। कैदी नंबर 0574 का गुस्सा और सामने वाले की बेचैनी साफ दिख रही है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि हर डायलॉग में कितनी गहराई छिपी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना मेरा दिन बना देता है।

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