तूफान: पिता के कंधे में यह सीन देखकर मेरी आंखें नम हो गईं। बेटा अपनी जान की परवाह किए बिना पिता को बचाने के लिए खुद को खतरे में डालता है। जब वह मशीन पर बंधा होता है और मां रोती हुई उसके पास जाती है, तो दिल दहल जाता है। विलेन की हंसी और मां का दर्द एक साथ दिखाकर डायरेक्टर ने कमाल कर दिया। यह सीन सिर्फ एक्शन नहीं, इमोशनल ड्रामा का बेहतरीन उदाहरण है।
तूफान: पिता के कंधे में विलेन का किरदार इतना नेगेटिव है कि देखकर गुस्सा आता है। वह बेटे को मशीन पर बांधकर उसे डराता है और मां को रोने के लिए मजबूर करता है। उसकी हंसी और ठंडा दिमाग दिखाता है कि वह कितना खतरनाक है। लेकिन बेटे की हिम्मत और मां का प्यार उसे हरा देता है। यह सीन दिखाता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर हो, अच्छाई जीतती है।
तूफान: पिता के कंधे में मां का किरदार इतना इमोशनल है कि देखकर रोना आ जाता है। जब वह अपने बेटे को मशीन पर बंधा देखती है और उसे बचाने की कोशिश करती है, तो दिल टूट जाता है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर दर्द साफ दिखाई देता है। यह सीन मां के प्यार और त्याग को बेहतरीन तरीके से दिखाता है। हर बेटे को अपनी मां का सम्मान करना चाहिए।
तूफान: पिता के कंधे में बेटे का किरदार इतना बहादुर है कि देखकर गर्व होता है। वह विलेन के सामने डरता नहीं है और अपनी जान की परवाह किए बिना पिता को बचाने के लिए तैयार हो जाता है। जब वह मशीन पर बंधा होता है, तो भी उसकी आंखों में हिम्मत दिखाई देती है। यह सीन दिखाता है कि बेटा अपने परिवार के लिए कितना कुछ कर सकता है। उसकी कुर्बानी को सलाम।
तूफान: पिता के कंधे में मशीन का सीन इतना डरावना है कि देखकर डर लगता है। जब बेटा मशीन पर बंधा होता है और मशीन चलने लगती है, तो दिल की धड़कन तेज हो जाती है। विलेन की हंसी और मां का रोना इस सीन को और भी डरावना बना देता है। यह सीन दिखाता है कि विलेन कितना खतरनाक है और बेटा कितनी मुश्किल में है। डायरेक्टर ने इस सीन को बहुत अच्छे से शूट किया है।