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तूफान: पिता के कंधेवां59एपिसोड

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तूफान: पिता के कंधे

राजेंद्र वर्मा एक मछली वाला है, लेकिन असल में वह एक अरबपति है। उसका बेटा करण साधारण जिंदगी जीता है। लक्की सिंह, करण की मंगेतर ज्योति के साथ मिलकर, एक छोटी सी टक्कर का बदला लेने के लिए करण को ब्लैकमेल करता है और उसकी जान लगभग ले ही लेता है। राजेंद्र आखिरी वक्त पर करण को बचाता है, लेकिन सच सामने आने पर पता चलता है कि असली गद्दार उसका अपना भरोसेमंद दोस्त है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंसुओं से भरा मिलन

तूफान: पिता के कंधे में यह दृश्य दिल को छू लेता है। जब बेटा जमीन पर गिरा हुआ है और पिता दौड़कर आते हैं, तो उनकी आंखों में डर और प्यार साफ दिखता है। वह गले लगाते ही रो पड़ते हैं, जैसे सालों का दर्द एक साथ बह निकला हो। मां की चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर लगता है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई।

पिता का दर्द

इस शो में पिता का किरदार इतना गहरा है कि देखते ही आंसू आ जाते हैं। जब वह बेटे को गले लगाते हैं, तो उनकी आवाज कांप रही होती है। ऐसा लगता है जैसे वह अपने बेटे को खोने के डर से जी रहे हों। तूफान: पिता के कंधे ने दिखाया कि एक पिता का प्यार कितना ताकतवर होता है। नेटशॉर्ट पर यह सीन बार-बार देखने को मन करता है।

मां की चुप्पी

मां का किरदार इस दृश्य में बहुत महत्वपूर्ण है। वह रोती नहीं, बस खड़ी रहती है और अपने आंसू पोंछती है। ऐसा लगता है जैसे वह सब कुछ सहन कर रही हो। तूफान: पिता के कंधे में यह दिखाया गया है कि मां का दर्द कितना गहरा होता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि कहानी में अभी बहुत कुछ बाकी है।

बेटे की पीड़ा

बेटे का किरदार इस दृश्य में बहुत दर्दनाक है। वह जमीन पर गिरा हुआ है और रो रहा है। जब पिता उसे गले लगाते हैं, तो वह और भी जोर से रो पड़ता है। तूफान: पिता के कंधे ने दिखाया कि एक बेटे का दर्द कितना गहरा होता है। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर लगता है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई।

गले लगाने का पल

जब पिता और बेटा गले लगते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे समय थम गया हो। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर दर्द साफ दिखता है। तूफान: पिता के कंधे में यह दृश्य बहुत इमोशनल है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि कहानी में अभी बहुत कुछ बाकी है।

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