PreviousLater
Close

तूफान: पिता के कंधेवां37एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

तूफान: पिता के कंधे

राजेंद्र वर्मा एक मछली वाला है, लेकिन असल में वह एक अरबपति है। उसका बेटा करण साधारण जिंदगी जीता है। लक्की सिंह, करण की मंगेतर ज्योति के साथ मिलकर, एक छोटी सी टक्कर का बदला लेने के लिए करण को ब्लैकमेल करता है और उसकी जान लगभग ले ही लेता है। राजेंद्र आखिरी वक्त पर करण को बचाता है, लेकिन सच सामने आने पर पता चलता है कि असली गद्दार उसका अपना भरोसेमंद दोस्त है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

जेल की थाली में छिपा राज

कैदी नंबर ०५७४ और ०५७५ की बातचीत देखकर लगता है जैसे कोई बड़ा प्लान चल रहा हो। खाने के बीच में भी इतनी गंभीरता? जेल का माहौल तो डरावना है, पर इन दोनों की दोस्ती दिल को छू गई। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे ही ट्विस्ट्स देखने को मिलते हैं।

खाना खाते हुए भी डर

०५७४ का चेहरा देखकर लगता है जैसे वो किसी बड़े खतरे के बारे में सोच रहा हो। ०५७५ उसे समझाने की कोशिश कर रहा है, पर वो सुनने को तैयार नहीं। जेल की दीवारों के बीच ये ड्रामा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तूफान: पिता के कंधे का ये एपिसोड बेहतरीन है।

दोस्त या दुश्मन?

०५७४ और ०५७५ की दोस्ती में कुछ तो गड़बड़ है। एक दूसरे को खाना खिला रहे हैं, पर आंखों में डर साफ दिख रहा है। जेल की ये कहानी देखकर लगता है जैसे कोई बड़ा धमाका होने वाला हो। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे ही मोड़ आते हैं।

जेल का खाना भी डरावना

खाने की थाली में चावल और सब्जी है, पर ०५७४ का चेहरा देखकर लगता है जैसे वो जहर खा रहा हो। ०५७५ उसे समझाने की कोशिश कर रहा है, पर वो सुनने को तैयार नहीं। तूफान: पिता के कंधे का ये सीन दिल दहला देने वाला है।

कैदियों की चुप्पी

जेल के डाइनिंग हॉल में सन्नाटा छाया हुआ है। ०५७४ और ०५७५ की बातचीत भी धीमी आवाज में हो रही है। लगता है जैसे कोई बड़ा राज छिपा हो। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे ही सीन्स देखने को मिलते हैं जो दिल को छू जाते हैं।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down