युद्ध दृश्य बहुत शानदार था। भूरे कोट वाले व्यक्ति ने जिस तरह से उस लड़की की रक्षा की, वह देखने लायक था। पीली चमक वाला जादू सच में हैरान करने वाला था। लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात सच है। होटल के कक्ष में यह लड़ाई किसी नृत्य से कम नहीं थी। सभी गुंडे जमीन पर गिर गए। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई। आगे क्या होगा जानने के लिए मैं बेताब हूँ। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव भी अच्छा रहा।
सफेद पोशाक वाली लड़की और चश्मे वाले आदमी की जोड़ी बहुत प्यारी लग रही है। खतरे के समय भी वे एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते। पार्टी के दृश्य में सभी मेहमान हैरान थे। खासकर ग्रे साड़ी वाली महिला का चेहरा देखने लायक था। कहानी में प्रेम और युद्ध का अच्छा मिश्रण है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्तिशाली पंक्तियां बीच में आती हैं। यह लघु नाटक मेरा पसंदीदा बन गया है। मैं अगली कड़ी देखने का इंतजार नहीं कर सकती।
काले सूट वाले गुंडों का अंत बहुत मजेदार था। वे हथियार लेकर आए थे लेकिन फिर भी हार गए। भूरे कोट वाले नायक की शक्तियां अलौकिक लग रही थीं। उसकी आंखों पर चश्मा और सिर पर जूड़ा बहुत अनोखा है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली पंक्ति ने मुझे हंसा दिया। पार्टी के दृश्य में तनाव साफ दिख रहा था। लाल रंग की पृष्ठभूमि पर शुभकामनाएं लिखा था। कहानी में बहुत रहस्य है। मुझे यह विचार बहुत पसंद आया।
सगाई की पार्टी का माहौल बहुत सुंदर बनाया गया है। मेजों पर सजावट और पीछे का पर्दा बहुत अच्छा लग रहा था। लोगों के हाथ में शराब के प्याले थे। अचानक हुई लड़ाई के बाद सबके चेहरे के भाव बदल गए। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी बातें इस दुनिया में चलती हैं। नायक और नायिका का समय कमाल का है। वे एक दूसरे को बिना देखे भी बचा लेते हैं। यह वीडियो मुझे बहुत भा गया। मैं इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करूंगी।
लड़की के बालों में लाल फीता बहुत प्यारे लग रहे थे। उसने भी लड़ाई में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सिर्फ नायक ही नहीं, नायिका भी ताकतवर है। लात मारने का उसका अंदाज बहुत सुंदर था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली शक्ति स्तर की बात सही लगती है। होटल के फर्श पर गिरे हुए गुंडे देखकर मजा आया। आखिर में अधूरा छोड़ना बहुत बुरा लगा। मुझे तुरंत अगला भाग चाहिए। ऐसे ही अच्छे वीडियो मिलते हैं।
यह वीडियो युद्ध और प्रेम का बेहतरीन मिश्रण है। भूरे कोट वाले आदमी का साहस देखने लायक था। उसने बिना डरे सभी का सामना किया। पीली रोशनी वाला प्रभाव बहुत अच्छा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी संवाद शैली शानदार थी। पार्टी में खड़ी महिलाएं हैरान थीं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि यह सब सच है। कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। एक पल भी बोरियत नहीं होती। मैं इस कार्यक्रम को देख रही हूँ।
कक्ष का दृश्य बहुत नाटकीय था। ऊपर से लटकने वाली रोशनी बहुत सुंदर थी। लड़ाई के दौरान कैमरा कोण बहुत अच्छे थे। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन ने माहौल बना दिया। काले कपड़ों वाले लोग बहुत सारे थे लेकिन फिर भी हार गए। नायक की मुस्कान बहुत खतरनाक थी। पार्टी के दृश्य में ग्रे सूट वाला आदमी हंस रहा था। शायद वह खलनायक है। मुझे यह शक बहुत पसंद आया। कहानी में मोड़ हैं।
सफेद पोशाक वाली लड़की का अभिनय बहुत स्वाभाविक था। डर के बावजूद वह हिम्मत नहीं हारी। नायक ने उसे गिरने नहीं दिया। उनकी नृत्य जैसी लड़ाई देखकर मजा आ गया। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात इस जोड़ी पर सच बैठती है। पार्टी के दृश्य में काले और लाल कपड़ों वाली महिलाएं थीं। सबकी नजरें इस जोड़ी पर थीं। यह लघु फिल्म बहुत मनोरंजक है। मैंने पूरा वीडियो बिना छोड़े देखा। बहुत बढ़िया सामग्री है।
नायक के चश्मे और बालों की शैली बहुत अनोखा है। वह किसी पुराने जमाने के योद्धा जैसा लगता है लेकिन आधुनिक कपड़ों में। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्तियां उसके पास हैं। उसने एक हाथ से दुश्मनों को उड़ा दिया। लड़की ने भी अपनी तरफ से मदद की। अंत में सब जमीन पर लेटे हुए थे। पार्टी वाले दृश्य में रहस्य बना हुआ है। आगे क्या होगा यह जानना जरूरी है। मुझे यह वीडियो बहुत पसंद आया।
वीडियो का अंत बहुत अधूरा था। ऐसा छोड़ना दर्शकों के लिए सजा है। पार्टी में नए किरदारों का प्रवेश हुआ है। ग्रे सूट वाला आदमी और लाल साड़ी वाली महिला महत्वपूर्ण लग रहे हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली पंक्ति कहानी का सार है। युद्ध क्रम बहुत अच्छी तरह नृत्य निर्देशित किए गए थे। नेटशॉर्ट पर यह मेरा पसंदीदा कार्यक्रम बन गया है। मैं मूल्यांकन में पांच तारे दूंगी। जल्दी नई कड़ी आनी चाहिए।