इस दृश्य में ग्रे बालों वाला व्यक्ति बहुत डरावना लग रहा था। उसके चेहरे पर टैटू और हाथ में तलवार देखकर लगता है कि वह किसी पुराने कल्ट का नेता है। जब उसने कहा कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ, तो सब हैरान रह गए। कार्यालय के माहौल में यह काल्पनिक तत्व बहुत अजीब लेकिन रोमांचक लग रहा है।
चश्मे और जूड़ा वाला यह किरदार बहुत स्टाइलिश लग रहा है। वह महिला को बचाते हुए बहुत शांत खड़ा था। लगता है कि वह असली शक्तिशाली है। विलेन की धमकियों के बीच भी उसकी मुस्कान बताती है कि उसे सब पता है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात का जवाब वह चुप्पी से दे रहा है।
सफेद कपड़ों वाली महिला बहुत घबराई हुई लग रही थी। जब जूड़ा वाले ने उसका हाथ पकड़ा, तो राहत मिली। लगता है कि इनके बीच कुछ गहरा रिश्ता है। विलेन की बातें सुनकर उसका डर साफ दिख रहा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ सुनकर वह कांप गई। कहानी में यह भावनात्मक पक्ष बहुत अच्छा है।
काले और लाल कपड़ों वाली महिला बहुत रहस्यमयी लग रही थी। वह बीच में बात कर रही थी और मुस्कुरा भी रही थी। लगता है वह किसी बड़ी ताकत का हिस्सा है। उसने जब विलेन से बात की, तो माहौल थोड़ा शांत हुआ। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ पर उसका कोई असर नहीं हुआ। उसका अभिनय बहुत स्वाभाविक था।
शुरू में लगा विलेन हमला करेगा, लेकिन फिर वह घुटनों पर बैठ गया। यह मोड़ बहुत अच्छा था। फिर उसने तलवार निकाली और अपनी ताकत बताई। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली संवाद प्रस्तुति जबरदस्त थी। आगे क्या होगा जानने को उत्सुक हूँ। यह मोड़ किसी को भी हैरान कर सकता था।
आधुनिक कार्यालय में यह प्राचीन युद्ध जैसा माहौल बहुत अलग लग रहा है। कर्मचारी डरे हुए खड़े थे और बीच में ये सब हो रहा था। लाइटिंग और पृष्ठभूमि संगीत ने तनाव बढ़ा दी है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ की गूंज पूरे कक्ष में थी। ऐसे शो देखना आजकल चलन में है। बहुत बढ़िया निर्माण है।
संवाद बहुत भारी थे। विलेन की आवाज में गुस्सा और घमंड साफ सुनाई दे रहा था। जब उसने अपने लेवल की बात की, तो सबकी सांसें रुक गईं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ बोलते ही सन्नाटा छा गया। जूड़ा वाले की चुप्पी भी एक जवाब थी। ऐसे संवाद कहानी को आगे बढ़ाते हैं। हर शब्द में वजन था।
विलेन के पीछे खड़े काले कपड़ों वाले लोग बहुत डरावने लग रहे थे। उन्होंने एक साथ घुटने टेक दिए, जो उनकी वफादारी दिखाता है। यह दृश्य बहुत प्रभावशाली था। लगता है मुख्य लड़ाई अभी बाकी है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर वह अपनी ताकत दिखा रहा था। इनके बिना प्रवेश अधूरा लगता।
कड़ी के अंत में जारी रहेगा देखकर निराशा हुई। कहानी सबसे रोचक मोड़ पर रुक गई है। विलेन की धमकी और हीरो की शांति के बीच टकराव साफ है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात का जवाब क्या होगा? जल्दी अगला भाग चाहिए। यह रुकावट बहुत तंग थी। इंतजार मुश्किल हो रहा है।
यह शो कार्रवाई और नाटक का अच्छा मिश्रण है। किरदारों के कपड़े और शृंगार बहुत विस्तृत हैं। ग्रे बालों वाले का लुक खास था। कहानी में रहस्य बना हुआ है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी लाइनें दर्शकों को पसंद आ रही हैं। ऐसे शो देखने के लिए यह मंच श्रेष्ठ है। मैं अगले भाग का इंतजार कर रहा हूँ।