उस चिकित्सक की शक्तियां देखकर सब हैरान रह गए। जब उसने सुनहरी रोशनी से मरीज को ठीक किया, तो डॉक्टर भी दंग रह गए। यह दृश्य बहुत जादुई लगा। मुझे लगा जैसे रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात सच हो रही हो। बिस्तर पर लेटी सफेद पोशाक वाली की आंखें खुलते ही सबकी सांसें रुक गईं। लाल पोशाक वाली का चेहरा उतर गया। यह क्षण बहुत रोमांचक था और आगे की कहानी के लिए उत्सुकता बढ़ गई है।
लाल पोशाक वाली का घमंड टूटता देख मजा आ गया। शुरू में वह विश्वास नहीं कर रही थी, लेकिन जादुई इलाज के बाद उसका चेहरा देखने लायक था। उस व्यक्ति ने साबित कर दिया कि उसकी क्षमताएं साधारण नहीं हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला डायलॉग यहां बिल्कुल फिट बैठता है। सस्पेंस बना हुआ है। सफेद पोशाक वाली की चिंता अब राहत में बदल गई है। डॉक्टर की प्रतिक्रिया भी बहुत नेचुरल लगी।
आधुनिक चिकित्सा और प्राचीन शक्ति का टकराव बहुत रोचक था। डॉक्टर और नर्स की प्रतिक्रियाएं वास्तविक लग रही थीं। जब वह व्यक्ति अपने हाथ से ऊर्जा निकाल रहा था, तो माहौल में तनाव था। सफेद पोशाक वाली की चिंता साफ दिख रही थी। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर वह अपनी ताकत दिखा रहा था। अंत बहुत प्रभावशाली था। लाल पोशाक वाली चुपचाप सब देखती रही।
बिस्तर पर लेटी मरीज का अचानक होश में आना सबसे बड़ा मोड़ था। सभी की उम्मीदें टूट चुकी थीं, लेकिन उस योद्धा ने सब बदल दिया। लाल कपड़ों वाली की नाराजगी साफ झलक रही थी। यह कहानी बताती है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। भावनात्मक दृश्य बहुत अच्छे तरीके से फिल्माए गए हैं। सफेद पोशाक वाली की आंखों में आंसू थे। यह सीन दिल को छू गया।
उस व्यक्ति के चेहरे का आत्मविश्वास देखकर लगता था कि वह सफल होगा। उसने किसी की नहीं सुनी और अपना काम किया। सुनहरी रोशनी का दृश्य प्रभाव बहुत शानदार था। सफेद साड़ी वाली की राहत देखकर अच्छा लगा। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली पंक्ति इस शक्ति को परिभाषित करती है। आगे क्या होगा जानने की उत्सुकता है। लाल पोशाक वाली हैरान खड़ी थी।
कमरे का माहौल बहुत गंभीर था, लेकिन उस हीलर के आने से सब बदल गया। डॉक्टर की हैरानी देखने लायक थी। जब मरीज ने आंखें खोलीं, तो सबकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लाल पोशाक वाली चुपचाप खड़ी रह गई। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर उसने सबको चौंका दिया। कहानी में नया मोड़ आ गया है। सफेद पोशाक वाली ने राहत की सांस ली।
इस दृश्य में तनाव और जादू का अच्छा मिश्रण था। वह व्यक्ति बहुत शांत था जबकि बाकी सब घबराए हुए थे। उसकी शक्तियां साधारण इंसान से ऊपर हैं। सफेद कपड़ों वाली की आंखों में आंसू थे। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला संदेश बहुत प्रभावशाली लगा। दृश्य प्रभाव ने सीन को और भी बेहतर बनाया। लाल पोशाक वाली का रवैया बदल गया।
लाल साड़ी वाली की ईर्ष्या साफ दिख रही थी। वह नहीं चाहती थी कि मरीज ठीक हो, लेकिन जादू के आगे सब फेल है। उस हीलर ने अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात उसकी काबिलियत को दर्शाती है। मरीज के उठते ही सबकी सोच बदल गई। सफेद पोशाक वाली खुश हो गई। डॉक्टर भी हैरान रह गए।
डॉक्टर और नर्स की चुप्पी सब कुछ कह रही थी। वे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे। वह व्यक्ति बहुत रहस्यमयी लग रहा था। सफेद पोशाक वाली ने राहत की सांस ली। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर उसने अपनी पहचान बनाई। यह सीन बहुत यादगार बन गया है। लाल पोशाक वाली का चेहरा उतर गया था। सब कुछ बहुत तेजी से बदला।
अंत में मरीज का गुस्सा देखकर लगता है कि कहानी में और ट्विस्ट आएंगे। वह ठीक तो हो गई लेकिन खुश नहीं लग रही थी। उस हीलर का चेहरा गंभीर हो गया। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली शक्ति के आगे सब छोटा है। अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार है। सफेद पोशाक वाली हैरान थी। लाल पोशाक वाली ने मुंह बनाया।