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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँवां20एपिसोड

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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँ

बीस साल की उम्र में 999 लेवल का अजेय योद्धा शिवा सिंह पहाड़ से उतरा। उसकी माँ ने कागजात गड़बड़ कर दिए, जिससे वह अपने उपकारी को दुश्मन समझ बैठा। वह "दुश्मन को मारने" के अजीब काम के साथ तारा मल्होत्रा के करीब आया। उसकी योजना थी — उसे प्यार में फँसाकर उसकी संपत्ति हड़पना। लेकिन तारा की मजबूत और खूबसूरत आत्मा ने उसका दिल पिघला दिया। वह उसे चोट नहीं पहुँचा पाया, और दोनों के बीच प्यार पनपने लगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कॉमेडी और एक्शन का बेहतरीन संगम

यह दृश्य बहुत ही मजेदार है जब वह व्यक्ति कमरे में घुसता है। उसका आत्मविश्वास देखने लायक है और वह बिना डरे आगे बढ़ता है। मुझे लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली कहानी में ऐसा ही कुछ रोमांचक होगा। पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत अच्छी है और मैं इसे बार बार देख सकता हूँ।

जादूई शक्तियों का शानदार प्रदर्शन

जादूई शक्तियों का प्रयोग बहुत ही शानदार तरीके से दिखाया गया है। नीली रोशनी देखकर मैं हैरान रह गया और यह दृश्य प्रभाव बहुत अच्छा था। इस शो रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में एक्शन सीन्स बहुत अच्छे हैं और दिलचस्प हैं। अंत में नाक से खून आना कॉमेडी जोड़ता है और माहौल हल्का कर देता है।

बाथरूम सीन में अप्रत्याशित मोड़

बाथरूम वाला सीन थोड़ा अजीब लेकिन मजेदार था और दर्शकों को हंसाता है। लड़की की प्रतिक्रिया बिल्कुल असली लग रही थी और उसका गुस्सा साफ दिख रहा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ ड्रामा में ऐसे ट्विस्ट बहुत आते हैं और कहानी को आगे बढ़ाते हैं। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है और मैं इंतजार नहीं कर सकता।

आधुनिक सेटिंग में प्राचीन अंदाज

नीले सूट वाला व्यक्ति और महिला हैरान लग रहे थे और उनकी आंखें फैल गई थीं। उनकी भावनाएं बहुत अच्छे से कैप्चर की गई हैं और अभिनय शानदार है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ की कहानी में यह मोड़ अप्रत्याशित था और सबको चौंका देता है। सेट डिजाइन भी बहुत आधुनिक है और घर बहुत सुंदर लग रहा था।

हीरो की अनोखी वेशभूषा और अंदाज

मुख्य पात्र की वेशभूषा बहुत अनोखी है और प्राचीन शैली की झलक देती है। प्राचीन और आधुनिक दुनिया का मिश्रण अच्छा लगा और यह नया अनुभव है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में ऐसे किरदार ही हीरो होते हैं और सब पर हावी होते हैं। उसकी आंखों में चमक देखने लायक थी और वह बहुत आत्मविश्वासी लग रहा था।

दरवाजा खुलते ही बढ़ा सस्पेंस

जब उसने दरवाजा खोला तो सस्पेंस बढ़ गया था और दिल की धड़कन तेज हो गई। पानी का छलकना और फिर जादू सब कुछ तेज था और बहुत अच्छे से फिल्माया गया था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसे शो में यह आम बात है और दर्शक इसे पसंद करते हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई और मैं और देखना चाहता हूँ।

नाक से खून बहना क्लासिक कॉमेडी

अंत में नाक से खून बहना एक क्लासिक कॉमेडी टच था और सबको हंसा दिया। दर्शक हंसने पर मजबूर हो जाते हैं और माहौल खुशनुमा हो जाता है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ की वजह से मैं इस चैनल को फॉलो कर रहा हूँ और अपडेट रहता हूँ। नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो मिलना दुर्लभ है और यह खास है।

लड़की के गुस्से और डर का सही चित्रण

लड़की ने तौलिया ओढ़ा और गुस्से में देख रही थी और उसका चेहरा लाल हो गया था। उसकी आंखों में डर और गुस्सा दोनों थे और वह कुछ बोलना चाहती थी। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में ऐसे इमोशनल सीन बहुत हैं और दिल को छू लेते हैं। अभिनय बहुत प्राकृतिक लगा और कोई नकलीपन नहीं था।

सीढ़ियों पर हुई महत्वपूर्ण बातचीत

सीढ़ियों पर बातचीत का दृश्य बहुत दिलचस्प था और कहानी की शुरुआत अच्छी थी। लग रहा था कोई बड़ी योजना बन रही है और कुछ होने वाला है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ की पटकथा बहुत मजबूत है और लेखक ने मेहनत की है। हर फ्रेम में कुछ नया है और बोरियत नहीं होती है।

कुल मिलाकर बेहतरीन मनोरंजन

कुल मिलाकर यह वीडियो बहुत मनोरंजक था और समय बर्बाद नहीं हुआ। एडिटिंग और संगीत का संयोजन सही था और सब कुछ जमा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ देखकर मैं निराश नहीं हुआ और खुश हूं। यह एक बेहतरीन शुरुआत है और आगे और अच्छा होगा।