इस दृश्य में जब उसने पत्थर को हाथ में लिया तो सबकी सांसें रुक गईं। आधुनिक कपड़े और प्राचीन बालों का मिश्रण बहुत अनोखा है। जैसे ही उसने जादू किया, पीली रोशनी ने सबको चौंका दिया। लगता है यह कहानी आगे बहुत रोमांचक होने वाली है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन यहाँ बिल्कुल फिट बैठती है। किरदारों के बीच का तनाव देखने लायक है और दर्शक बंधे रहेंगे।
जब निर्माण साइट पर काम करने वाले लोग उस व्यक्ति को सलाम करते हैं, तो समझ आ जाता है कि उसकी शक्ति कितनी ज्यादा है। महिला काले पोशाक में खड़ी होकर सब देख रही थी। माहौल में एक अजीब सी गंभीरता थी। अंधेरे में छिपे खतरे का अंदाजा लग रहा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर वह अपनी ताकत दिखा रहा था। अगला भाग कब आएगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
दृश्य के दूसरे हिस्से में अचानक डरावना तत्व आ गया। लंबे बालों वाली आत्मा और डरावना माहौल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। हरे कपड़ों वाला व्यक्ति भी घबराया हुआ लग रहा था। यह मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था। पहले प्रेम और फिर डर। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली शक्ति अब काम आएगी। रहस्य बना हुआ है और कहानी आगे बढ़ेगी।
मुख्य किरदार का लुक सबसे ज्यादा आकर्षक है। काले कोट के साथ जुड़ा हुआ बालों का स्टाइल बहुत शानदार लग रहा है। उसने जब पत्थर को रखा तो धुआं निकला। महिला ने उसका हाथ पकड़ा तो लगन साफ दिखी। कहानी में जादू और आधुनिक दुनिया का मिश्रण अच्छा है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली विषय यहाँ चल रही है। देखने में मज़ा आ रहा है और हर पल नया है।
काले पोशाक वाली महिला के चेहरे पर डर और हैरानी दोनों साफ दिख रहे थे। जब वह उसके करीब गई तो माहौल बदल गया। दूसरी महिला सूट में खड़ी चुपचाप सब देख रही थी। कहानी में कई लेयर हैं जो धीरे धीरे खुल रहे हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर वह सबको हैरान कर रहा था। अंत का मोड़ बहुत तेज था और दर्शकों को बांधे रखता है।
वह पत्थर साधारण नहीं लग रहा था। जब उसने उसे रखा तो जमीन से ऊर्जा निकलने लगी। निर्माण कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया बता रही थी कि यह कोई आम बात नहीं है। रात का समय और पीली रोशनी माहौल को और नाटकीय बना रही थीं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली ताकत का प्रदर्शन था। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता है और कहानी रोचक है।
अंधेरे में हरे कपड़ों वाला व्यक्ति कौन है। उसका चेहरा डरावना लग रहा था। वह किसी से बात कर रहा था या फिर मंत्र पढ़ रहा था। लंबे बालों वाली आत्मा का रूप बहुत प्रभावशाली था। यह श्रृंखला साहसिक और डरावना का अच्छा मिश्रण है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लड़ाई होने वाली है। देखने वाले को बांधे रखता है और रोमांच बढ़ता है।
रात के समय शूट किया गया यह दृश्य बहुत खूबसूरत लग रहा है। पीछे की इमारत और रोशनी बहुत अच्छी है। जब उसने हाथ हिलाया तो आग जैसी रोशनी निकली। महिला ने उसे गले लगा लिया था। भावनात्मक संबंध भी दिखाया गया है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली कहानी में यह पल खास था। अगला भाग कब आएगा यह सबके मन में है।
दृश्य के अंत में जो मोड़ आया वह सबको हैरान कर गया। आत्मा का चेहरा और वह डरावना माहौल। लगता है मुख्य किरदार पर कोई बड़ी मुसीबत आने वाली है। निर्माण साइट पर यह सब क्यों हो रहा है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ कहकर वह चुनौती दे रहा था। रहस्य बनाए रखना जरूरी है। दर्शक बंधे रहेंगे और कहानी आगे बढ़ेगी।
उसने बिना किसी हथियार के सबको कंट्रोल कर लिया। कार्यकर्ताओं का झुकना उसकी ताकत को दिखाता है। महिलाएं भी उसकी बात मान रही थीं। अंधेरे में छिपी शक्तियां अब बाहर आ रही हैं। दृश्य प्रभाव भी काफी अच्छे लग रहे हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन इसकी पुष्टि करती है। यह कार्यक्रम देखने लायक है और हर कोई इसका दीवाना है।