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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँवां64एपिसोड

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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँ

बीस साल की उम्र में 999 लेवल का अजेय योद्धा शिवा सिंह पहाड़ से उतरा। उसकी माँ ने कागजात गड़बड़ कर दिए, जिससे वह अपने उपकारी को दुश्मन समझ बैठा। वह "दुश्मन को मारने" के अजीब काम के साथ तारा मल्होत्रा के करीब आया। उसकी योजना थी — उसे प्यार में फँसाकर उसकी संपत्ति हड़पना। लेकिन तारा की मजबूत और खूबसूरत आत्मा ने उसका दिल पिघला दिया। वह उसे चोट नहीं पहुँचा पाया, और दोनों के बीच प्यार पनपने लगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तलवार का जादू

तलवार से निकली आग देखकर रोंगटे खड़े हो गए। यह दृश्य बहुत ही शानदार था और देखने में अद्भुत लगा। बूढ़े आदमी की मुस्कान में कुछ छिपा है। लगता है कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली फीलिंग आ रही है। एक्शन और जादू का संगम देखने लायक है। पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत अच्छी है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई है। अगला भाग देखने के लिए मैं उत्सुक हूँ।

महिला का डर

सफेद ब्लाउज वाली महिला की आंखों में डर साफ दिख रहा था। जब दरवाजे खुले तो सबकी सांसें रुक गईं। यह रहस्य धीरे-धीरे खुल रहा है। मुझे यह पात्र बहुत पसंद आया। उसकी चिंता असली लगती है। कहानी में गहराई है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्ति का अहसास होता है। माहौल में तनाव बना हुआ है। संवाद बहुत प्रभावशाली थे। मुझे यह कहानी आगे बढ़ती हुई दिख रही है।

खलनायक की एंट्री

राख जैसे बालों वाला खलनायक बहुत डरावना है। उसकी हंसी से माहौल भारी हो गया। मेकअप बहुत अच्छा किया गया है। वह किसी पुराने श्राप जैसा लग रहा था। इस शो में विलेन की एंट्री धमाकेदार है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्ति दिखाई दी। उसकी आवाज में दम था। दर्शकों पर इसका गहरा असर पड़ा। मुझे यह किरदार याद रहेगा। अभिनय बहुत दमदार था।

तनावपूर्ण माहौल

दोनों गुटों के बीच की तनावपूर्ण स्थिति देखने में मजेदार थी। हरे कोट वाला व्यक्ति शांत खड़ा था। लगता है वह कुछ योजना बना रहा है। पृष्ठभूमि में प्राचीन इमारत बहुत सुंदर है। यह दृश्य सिनेमाई लग रहा था। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात सच लगती है। कहानी आगे बढ़ रही है। निर्माण मूल्य उच्च हैं। सब देखने लायक है।

लड़की की हिम्मत

गुलाबी पोशाक वाली लड़की ने तलवार कसकर पकड़ रखी थी। उसकी मासूमियत और हिम्मत दोनों झलक रही थी। वह किसी जादुई दुनिया का हिस्सा लग रही थी। उसकी आंखों में सवाल थे। कहानी में भावनात्मक पल भी हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला संघर्ष दिख रहा है। उसका अभिनय प्राकृतिक लगा। मुझे उसकी कहानी जाननी है। यह दृश्य दिल को छू गया। बहुत प्यारा किरदार है।

बुजुर्ग की चाल

सफेद जैकेट वाला बुजुर्ग बहुत चालाक लग रहा था। उसकी बातों में ठाठ था। वह खुद को बहुत ताकतवर समझ रहा है। लेकिन असली ताकत कौन है, यह तो समय बताएगा। संवाद बहुत तेज थे। मुझे यह किरदार नापसंद आया पर अभिनय अच्छा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी घमंड की बात है। अंत रोचक हुआ। मुझे अगली चाल देखनी है। कौन जीतेगा यह देखना है।

मंदिर का रहस्य

मंदिर जैसे स्थान पर यह लड़ाई बहुत रोमांचक थी। पत्थर की नक्काशी देखने लायक थी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई गुप्त संप्रदाय हो। रोशनी और छाया का खेल अच्छा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली पंक्ति सार्थक लगती है। माहौल में जादू था। दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है। मुझे यह सेटिंग पसंद आई। कैमरा वर्क शानदार था। लोकेशन बहुत अच्छी है।

अधूरा अंत

अंत में महिला के सीने पर हाथ रखने का दृश्य दिल को छू गया। उसे दर्द या झटका लगा होगा। यह अधूरा अंत बहुत अच्छा था। दर्शक को हैरान करने के लिए काफी है। मुझे लगता है अगले भाग में बड़ा खुलासा होगा। इंतजार नहीं हो रहा है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्ति का संकेत मिला। कहानी में दम है। यह एपिसोड बेहतरीन था। जल्दी आना चाहिए।

कपड़ों का मिलन

आधुनिक और पारंपरिक कपड़ों का मिश्रण अनोखा था। कुछ लोग सूट में थे तो कुछ प्राचीन वेश में। यह समय की उलझन को दर्शाता है। कहानी में गहराई है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ जैसी शक्ति का टकराव है। दृश्य बहुत समृद्ध थे। निर्देशन अच्छा है। मुझे यह विचार पसंद आया। कलाकारों ने अच्छा काम किया। डिजाइन बहुत सुंदर थे। सबको पसंद आएगा।

कुल मिलाकर शानदार

कुल मिलाकर यह एपिसोड बहुत रोमांचक था। हर पात्र की अपनी कहानी है। संघर्ष साफ दिख रहा था। विशेष प्रभावों ने जान डाल दी। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव अच्छा रहा। अब बस अगला भाग चाहिए। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन याद रहेगी। शानदार प्रस्तुति। सबको देखना चाहिए। मैं फिर से देखूंगा।