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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँवां40एपिसोड

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रणदेव तो सिर्फ 99 लेवल का है, और मैं 999 लेवल का हूँ

बीस साल की उम्र में 999 लेवल का अजेय योद्धा शिवा सिंह पहाड़ से उतरा। उसकी माँ ने कागजात गड़बड़ कर दिए, जिससे वह अपने उपकारी को दुश्मन समझ बैठा। वह "दुश्मन को मारने" के अजीब काम के साथ तारा मल्होत्रा के करीब आया। उसकी योजना थी — उसे प्यार में फँसाकर उसकी संपत्ति हड़पना। लेकिन तारा की मजबूत और खूबसूरत आत्मा ने उसका दिल पिघला दिया। वह उसे चोट नहीं पहुँचा पाया, और दोनों के बीच प्यार पनपने लगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

शक्ति का असली प्रदर्शन

इस दृश्य में पारंपरिक कपड़ों वाली महिला ने सबका ध्यान खींच लिया। जब उसने उस सुनहरे बागुआ दर्पण को छुआ, तो चारों तरफ ऊर्जा फैल गई। ऐसा लगा जैसे रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात सच हो रही हो। चश्मे वाला व्यक्ति हैरान रह गया। माहौल बहुत तनावपूर्ण था और हर किसी की सांसें रुकी हुई थीं। यह पल वाकई देखने लायक था।

हरे जैकेट वाले की चिंता

हरे और काले जैकेट वाला व्यक्ति शुरू में बहुत घमंडी लग रहा था, लेकिन जैसे ही जादू शुरू हुआ, उसके चेहरे का रंग बदल गया। उसे समझ आ गया कि सामने वाली शक्ति कोई साधारण नहीं है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात यहाँ बिल्कुल फिट बैठती है। भीड़ में खड़े लोग भी डर गए थे। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी।

सफेद पोशाक वाली महिला का रवैया

सफेद पोशाक पहनी महिला बहुत शांत खड़ी थी, लेकिन उसकी आँखों में चमक साफ दिख रही थी। जब बालों में जूड़ा बनाए व्यक्ति ने इशारा किया, तो उसने प्रतिक्रिया दी। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन इस स्थिति पर सटीक बैठती है। उनकी केमिस्ट्री देखने लायक थी। पृष्ठभूमि में संगीत भी बहुत अच्छा था।

बागुआ दर्पण का रहस्य

उस सुनहरे दर्पण में क्या शक्ति छिपी थी, यह जानने के लिए मैं उत्सुक हूँ। जैसे ही महिला ने हाथ रखा, पीली रोशनी ने सबको घेर लिया। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला संवाद मन में आ गया। विशेष प्रभाव बहुत अच्छे थे। ऐसा लगा जैसे कोई प्राचीन शक्ति जाग उठी हो। निर्देशक ने इस दृश्य को बहुत अच्छे से कैद किया है।

भीड़ की प्रतिक्रियाएं

पीछे खड़े सभी लोग इस घटना को देखकर सन्न रह गए। कोई कुछ बोल नहीं पा रहा था। हर किसी के चेहरे पर आश्चर्य साफ झलक रहा था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात यहाँ बहुत प्रासंगिक लगती है। यह दिखाता है कि शक्ति का संतुलन कैसे बदल सकता है। दृश्य की गहराई बहुत प्रभावशाली थी।

गुच्छे वाले बालों वाला व्यक्ति

सूरज के चश्मे और बालों का जूड़ा बनाए व्यक्ति बहुत रहस्यमयी लग रहा था। उसने उंगली से इशारा किया जैसे कोई चेतावनी दे रहा हो। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात उसके व्यवहार पर लागू होती है। वह जानता था कि कुछ बड़ा होने वाला है। उसका अंदाज बहुत कूल था। दर्शकों को यह किरदार जरूर पसंद आएगा।

गुलाबी पोशाक वाली लड़की

गुलाबी पोशाक और लाल रिबन वाली लड़की बहुत मासूम लग रही थी, लेकिन वह भी इस जादू का हिस्सा थी। उसने हरे कोट वाले व्यक्ति का हाथ पकड़ा हुआ था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात यहाँ भी गूंज रही थी। उनका रिश्ता क्या है यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। कहानी में कई मोड़ हैं।

बुजुर्ग व्यक्ति की मुस्कान

पैटर्न वाले जैकेट वाले बुजुर्ग व्यक्ति के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी। उन्हें शायद पहले से सब पता था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात उनके दिमाग में चल रही होगी। जब धमाका हुआ तो वे भी पीछे हट गए। यह पात्र कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनकी उपस्थिति भारी थी।

धमाके के बाद का दृश्य

जब ऊर्जा फटी तो सब लोग गिर गए। धूल और रोशनी ने सब कुछ ढक लिया। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात अब सच साबित हो रही है। महिला ने अपनी शक्ति का प्रमाण दे दिया। अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है। एक्शन सीक्वेंस बहुत जोरदार था। दर्शक बंधे रहेंगे।

कहानी का अगला मोड़

इस एपिसोड ने कहानी को पूरी तरह बदल दिया। अब शक्ति का संतुलन बदल गया है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन भविष्य की झलक देती है। सभी पात्रों के बीच तनाव बढ़ गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत मजेदार है। मैं अगले भाग का इंतजार नहीं कर सकता। यह बहुत रोमांचक है।