इस नाटक में नायक का लुक बहुत ही अनोखा है। उसने काला सूट पहना है लेकिन बाल पारंपरिक शैली में बांधे हैं। जब वह सफेद पोशाक वाली सुंदरी के साथ खड़ा होता है, तो लगता है कि कोई जादुई कहानी शुरू होने वाली है। बीच में आने वाले पात्र की हरकतें देखकर हैरानी होती है। असली ताकत का पता चलता है जब नायक कहता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह डायलॉग रोंगटे खड़े कर देता है।
जब लाल पोशाक वाली दृश्य में आती है, तो माहौल बदल जाता है। उसकी मुस्कान और बात करने का तरीका बहुत आकर्षक है। वह अन्य पात्रों के साथ जिस तरह से बात करती है, उससे लगता है कि वह किसी महत्वपूर्ण रहस्य को जानती है। नायक की हैरानी देखने लायक है। इस शो में ऐसा लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात सच साबित होगी। सभी कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है।
शुरुआत में लगता है कि नायक और सफेद पोशाक वाली के बीच कुछ गलतफहमी है। लेकिन जब हल्के रंग की पोशाक वाली लड़की आती है, तो कहानी में नया मोड़ आता है। वह नायक का हाथ पकड़कर कुछ समझाने की कोशिश करती है। यह दृश्य बहुत ही भावनात्मक है। दर्शकों को यह पसंद आएगा। कहानी में एक पंक्ति आती है, रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ, जो सब कुछ स्पष्ट कर देती है।
बाद के दृश्य में सभी पात्र एक साथ जमा होते हैं। लाल पोशाक वाली और काले रंग की साड़ी वाली गले मिलती हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि दुश्मनी के बाद दोस्ती हो गई। नायक बीच में खड़ा होकर सबको समझा रहा है। उसका आत्मविश्वास देखने लायक है। इस श्रृंखला का नाम भी बहुत दिलचस्प है, रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह एपिसोड बहुत रोमांचक रहा।
इस वीडियो में आधुनिक कपड़ों और प्राचीन बालों का मिश्रण बहुत अच्छा लगा। नायक के सिर पर चश्मा और जूड़ा बहुत स्टाइलिश लग रहा था। पृष्ठभूमि में रात का समय और रोशनी का प्रबंधन शानदार था। जब वह अपनी शक्ति के बारे में बताता है, तो लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह डायलॉग कहानी की ताकत को दर्शाता है। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया।
नायक के चेहरे के भाव बता रहे हैं कि वह कुछ छिपा रहा है। जब वह बात करता है, तो उसकी आवाज में वजन होता है। अन्य पात्र उसकी बात सुनकर हैरान हैं। लाल पोशाक वाली भी उसकी बातों पर ध्यान दे रही है। यह स्पष्ट है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह संवाद पूरे नाटक का सार है। दर्शक इस कहानी को देखकर रोमांचित हो जाएंगे।
इस कहानी में केवल नायक ही नहीं, बल्कि अन्य पात्र भी बहुत मजबूत हैं। सफेद पोशाक वाली हो या लाल पोशाक वाली, सभी की अपनी एक पहचान है। वे नायक के साथ बराबरी की बात करती हैं। यह देखकर अच्छा लगता है। कहानी में एक जगह आता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह दिखाता है कि शक्ति का स्तर क्या है। सभी कलाकारों को सलाम।
हरे जैकेट वाला व्यक्ति भी इस कहानी में महत्वपूर्ण लग रहा है। वह चुपचाप सब देख रहा है और बीच में मुस्कुराता है। लगता है कि वह नायक का दोस्त या सहयोगी है। जब सभी साथ खड़े होते हैं, तो टीम वर्क दिखाई देता है। इस शो का टाइटल भी बहुत भारी है, रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह कहानी आगे बहुत रोमांचक होने वाली है।
रात के समय फिल्माया गया यह दृश्य बहुत सुंदर लग रहा था। पीछे की रोशनी और पेड़ पौधे माहौल को बना रहे थे। पात्रों के कपड़ों के रंग रात में भी साफ दिख रहे थे। नायक का काला सूट और लाल पोशाक वाली का लुक बहुत कंट्रास्ट था। जब नायक कहता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ, तो माहौल और भी गंभीर हो जाता है। यह एक बेहतरीन दृश्य है।
इस एपिसोड के अंत में कई सवाल बाकी रह जाते हैं। नायक की असली शक्ति क्या है? लाल पोशाक वाली कौन है? ये सब जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है। मुझे लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला डायलॉग आगे की कहानी की कुंजी है। मैं अगला भाग देखने का इंतजार नहीं कर सकता। यह शो बहुत मनोरंजक है।