जमीन पर लेटी हुई लड़की की आंखों में दर्द साफ दिख रहा है। उसे इतना प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है। सूट वाला व्यक्ति उसकी मदद करने की कोशिश कर रहा है लेकिन लगता है बेबस है। इस शो रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में भावनात्मक दृश्य बहुत गहरे हैं। मुझे उस बेचारी पर बहुत तरस आ रहा है, काश कोई उसे बचा ले। हर एपिसोड में नया मोड़ आता है जो दर्शकों को बांधे रखता है और कहानी आगे बढ़ती है।
चश्मे और जूड़ा वाले व्यक्ति का घमंड देखकर गुस्सा आता है। वह अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड कर रहा है और सबका मजाक उड़ा रहा है। उसकी मुस्कान में एक अजीब सी चालाकी है जो मुझे पसंद नहीं आई। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में विलेन का किरदार बहुत प्रभावशाली बनाया गया है। ऐसा लगता है कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। उसकी एक्टिंग देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं और डर लगता है।
सिंहासन पर बैठे हरे कपड़े वाले नेता के चेहरे पर अंत में झटका लगता है। उसे क्या दिखा जो वह हैरान रह गया। उसका काला और हरा पोशाक बहुत अनोखा डिजाइन है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में पावर डायनामिक्स बहुत तेजी से बदलते हैं। शायद उसे अपनी गलती का अहसास हुआ हो या कोई नई ताकत सामने आ गई हो। यह अंत बहुत शानदार था और रहस्य छोड़ गया।
नक़्क़ाशी वाले जैकेट वाले चाचा बागुआ डिवाइस की जांच कर रहे हैं। क्या वे किसी की शक्ति नाप रहे हैं। उनका चेहरा देखकर लगता है कि वे चिंतित हो गए हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में ऐसे छोटे विवरण बहुत मायने रखते हैं। पहले वे आश्वस्त लग रहे थे लेकिन अब उनकी आंखों में डर साफ दिख रहा है। यह रहस्य और भी गहरा होता जा रहा है और रोचक है।
ग्रे सूट वाला लड़का इतनी भीड़ में भी उस लड़की की मदद के लिए आगे आया। वह खतरे की परवाह नहीं कर रहा है। शायद उसके मन में उसके लिए कुछ खास है। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में रोमांस और एक्शन का अच्छा मिश्रण है। उसकी वफादारी देखकर दिल खुश हो जाता है। उम्मीद है कि वह आगे चलकर कोई बड़ा खुलासा करेगा और सबको चौंका देगा।
सफेद साड़ी वाली महिला चश्मे वाले व्यक्ति के पास खड़ी है। क्या वह मजबूरी में है या खुशी से। उसके चेहरे के भाव बहुत जटिल हैं और कुछ छिपा रहे हैं। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में महिला किरदारों को गहराई से लिखा गया है। वह चुपचाप सब देख रही है लेकिन उसकी आंखें सब कुछ बता रही हैं। मुझे उसकी कहानी जानने में बहुत दिलचस्पी है।
पारंपरिक इमारत और आधुनिक कपड़ों का मिश्रण बहुत अच्छा लगा। काले हुडी वाले गार्ड्स रहस्यमयी माहौल बना रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई गुप्त समाज की बैठक हो। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ की बनावट एक शॉर्ट ड्रामा के लिए बहुत अच्छी है। सेट डिजाइन और कॉस्ट्यूम पर बहुत मेहनत की गई है। हर फ्रेम देखने लायक है और आंखों को सुकून देता है।
अंत में बॉस के हैरान होने वाला सीन बहुत बेहतरीन मोड़ था। मुझे जानने की बहुत उत्सुकता है कि आगे क्या होगा। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ हमेशा सबसे अच्छे मोड़ पर एपिसोड खत्म करता है। यह इंतजार करना मुश्किल है कि अगली कड़ी कब आएगी। कहानी में जान है और दर्शक बंधे रहते हैं। बस यही उम्मीद है कि जल्दी अपडेट आए और हम देख सकें।
सभी की नजरें जमीन पर लेटी लड़की पर टिकी हैं। उस पर बहुत दबाव है और वह दर्द से कराह रही है। क्या वह फिर से खड़ी हो पाएगी। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ में तनाव बहुत अच्छे से बनाया गया है। हर एपिसोड में नई चुनौती आती है। उसकी आंखों में आंसू देखकर दिल दुखी हो जाता है। यह दृश्य बहुत ही भावुक और प्रभावशाली था और याद रहेगा।
जादू, मार्शल आर्ट और आधुनिक ड्रामा का मिश्रण बहुत अनोखा है। बागुआ डिवाइस का चमकना एक अच्छा टच था। रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ मेरा नया पसंदीदा बन गया है। कहानी में जादुई तत्व हैं जो इसे बाकी शो से अलग बनाते हैं। मुझे यह कॉन्सेप्ट बहुत पसंद आया है। हर कोई इसे एक बार जरूर देखे और मजा ले। यह बहुत रोमांचक है।