इस दृश्य में तनाव बहुत ज्यादा है जब वह व्यक्ति सिर पर हेलमेट पहनता है। मुझे लगा कि शक्ति का संतुलन अब बदलने वाला है। बंधक बनाने वाली महिला बहुत डरी हुई दिख रही थी। कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा क्योंकि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन सही मायने में पात्र की ताकत दिखाती है। मुझे नेटशॉर्ट पर यह देखकर बहुत मजा आया और मैं आगे का हिस्सा देखना चाहता हूं।
तहखाने का माहौल बहुत डरावना था जब चाकू से धमकी दी जा रही थी। अभिनेता ने घायल होने के बाद भी जो गुस्सा दिखाया वह लाजवाब था। सफेद पोशाक वाली महिला की आंखों में डर साफ दिख रहा था। इस नाटक का नाम सही है क्योंकि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। यह नाटक मुझे बहुत पसंद आया और मैं अगला भाग देखने के लिए बहुत उत्सुक हूं।
जब वह व्यक्ति जमीन पर खून बहाते हुए गिरा तो मुझे लगा कहानी खत्म हो गई। लेकिन फिर उसने उंगली उठाकर सबको चुनौती दी। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था और दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली पंक्ति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत अच्छी है और मुझे यह पसंद है।
बालों में जूड़ा बनाए व्यक्ति का किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा था। उसने जब काला कोट पहना तो उसका रूप पूरी तरह बदल गया। महिला को बचाने की कोशिश में जो जोखिम उठाया गया वह दिल को छू लेने वाला था। इस श्रृंखला में रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला संदर्भ बहुत गहरा है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आती है और मैं इसे सबको सुझाऊंगा।
रस्सियों से बंधी महिला की चीखें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। खलनायक का गुस्सा और उसकी नीयत साफ झलक रही थी स्क्रीन पर। नायक ने जब हेलमेट पहना तो लगा वह किसी बड़े युद्ध की तैयारी कर रहा है। सच कहूं तो रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली बात बिल्कुल सही साबित हुई। यह भाग बहुत रोमांचक था और मुझे बहुत पसंद आया।
दीवार पर लगी पेंटिंग्स ने कमरे को एक अलग ही क्लासिक लुक दिया था। लेकिन उस खूबसूरती के बीच जो हिंसा हुई वह चौंकाने वाली थी। घायल व्यक्ति ने कैसे बदला लिया यह देखना दिलचस्प था। मुझे लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली थीम इस कहानी की जान है। नेटशॉर्ट पर सामग्री बहुत अच्छी है और मैं इसे देख रहा हूं।
जब दो गुंडे उसे पकड़ने आए तो लगा अब उसका अंत निकट है। लेकिन उसकी आंखों में जो चमक थी वह कुछ और ही बता रही थी। सफेद ड्रेस वाली लड़की का सहारा बनना बहुत अच्छा लगा। इस नाटक में रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाला डायलॉग बहुत हिट हुआ है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है और मैं प्रशंसक बन गया हूं।
अंधेरे गलियारे में जब वे चल रहे थे तो माहौल में बहुत सस्पेंस था। नायक ने महिला का हाथ थामा तो लगा वह उसे सुरक्षा दे रहा है। खलनायक की चालाकी और नायक की ताकत का मुकाबला देखने लायक था। मुझे यकीन है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली लाइन प्रशंसकों को बहुत पसंद आएगी। यह शो बेहतरीन है और मैं इसे सुझाव देता हूं।
हेलमेट में लगे तार बहुत अजीब लग रहे थे लेकिन शायद यह किसी तकनीक का हिस्सा था। अभिनेता ने बिना डरे खतरे का सामना किया। महिला की चिंता साफ दिख रही थी उसके चेहरे पर। इस कहानी का सार यह है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ। मुझे यह पात्रों का विकास बहुत अच्छा लगा और मैं आगे की कहानी जानना चाहता हूं।
अंत में जब सब कुछ शांत हुआ तो लगा कि न्याय मिल गया। लेकिन खलनायक की आंखों में अभी भी नफरत बाकी थी। यह श्रृंखला मुझे बहुत पसंद आ रही है क्योंकि इसमें एक्शन और इमोशन दोनों हैं। मुझे लगता है कि रणदेव तो सिर्फ ९९ लेवल का है, और मैं ९९९ लेवल का हूँ वाली कहानी आगे और रोमांचक होगी। मैं इंतजार कर रहा हूं और यह बहुत अच्छा कार्यक्रम है।