इस दृश्य में जो भावनात्मक तनाव है वह वास्तव में दिल को छू लेता है। पुरुष का व्यवहार शुरू में थोड़ा आक्रामक लगता है, लेकिन फिर वह शराब परोसकर माहौल को रोमांटिक बनाने की कोशिश करता है। महिला के चेहरे पर जो संदेह और फिर धीरे-धीरे पिघलता हुआ विश्वास दिखाई देता है, वह अभिनय शानदार है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे दृश्य इसी कहानी का हिस्सा लगते हैं जहाँ रिश्तों की जटिलताओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है।
रेस्टोरेंट का माहौल और मोमबत्ती की रोशनी में यह डेट सीन बहुत ही इंटीमेट लग रहा है। लाल वाइन का गिलास और पुरुष का शराब डिकैंटर से परोसना क्लासिक रोमांस की निशानी है। महिला की आँखों में जो चमक है, वह बताती है कि वह इस पल को महसूस कर रही है। हालाँकि शुरू में कुछ अनबन थी, लेकिन अब लगता है कि सब ठीक हो जाएगा। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह यह कहानी भी मोड़ ले रही है।
पहले पार्क वाला सीन जहाँ पुरुष महिला के गाल को छूता है और वह उसे रोकती है, वहाँ से ही कहानी में एक गहराई आ जाती है। फिर रेस्टोरेंट में जब वह उसके हाथ को पकड़ता है, तो लगता है कि वह माफी मांग रहा है या अपना प्यार जता रहा है। यह जो भावनात्मक रोलरकोस्टर है, वह दर्शकों को बांधे रखता है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे टाइटल से यह साफ होता है कि यह रिश्ता आसान नहीं होगा।
मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया वह पल जब पुरुष महिला के हाथ पर अपना हाथ रखता है और वह उसे नहीं हटाती। यह छोटा सा इशारा बता देता है कि अब दीवारें गिर चुकी हैं। वाइन पीते समय उनकी आँखों का मिलना और मुस्कुराना बहुत ही प्यारा लगा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट देखना सुकून देता है क्योंकि यहाँ डायलॉग से ज्यादा एक्शन और एक्सप्रेशन बोलते हैं। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की थीम यहाँ फिट बैठती है।
क्या पुरुष का व्यवहार सिर्फ एक नाटक है या वह सच में महिला से प्यार करता है? यह सवाल पूरे वीडियो में चलता रहता है। उसका शराब परोसना और फिर हाथ थामना एक कोशिश है रिश्ते को बचाने की। महिला का चेहरा शुरू में सख्त था, लेकिन अंत में वह नर्म पड़ गई। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियाँ हमें यही सिखाती हैं कि प्यार में जिद और समझौता दोनों जरूरी हैं।