इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। लड़का जब लड़की को दीवार से सटाता है, तो लगता है जैसे वह उसे छोड़ना नहीं चाहता। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की कहानी में यह पल सबसे ज्यादा दर्दनाक है। उसकी आंखों में डर और उम्मीद दोनों झलकते हैं।
जब वह फोन उठाती है और उसकी उंगलियां कांपती हैं, तो लगता है जैसे दुनिया भर का बोझ उसके कंधों पर आ गया हो। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना में यह दृश्य दिखाता है कि कैसे प्यार कभी-कभी जेल बन जाता है। लड़के का गुस्सा और उसकी चुप्पी सब कुछ कह जाती है।
लड़का जब मुट्ठी भींचकर खड़ा होता है, तो लगता है जैसे वह अपने आप से लड़ रहा हो। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की यह कहानी बताती है कि कभी-कभी प्यार में हारना भी जीत होता है। लड़की की आंखों में आंसू और उसके चेहरे पर निराशा दिल को छू लेती है।
यह दृश्य इतना तीव्र है कि लगता है जैसे समय थम गया हो। लड़की जब दीवार से सटी होती है, तो उसकी सांसें तेज हो जाती हैं। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना में यह पल दिखाता है कि कैसे रिश्ते टूटते हैं और फिर भी उम्मीद बनी रहती है। लड़के का चेहरा दर्द से भरा हुआ है।
जब फोन बजता है और लड़की उसे देखती है, तो लगता है जैसे कोई रहस्य खुलने वाला हो। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना में यह छोटा सा पल बड़ा असर छोड़ता है। लड़के का गुस्सा और उसकी बेचैनी सब कुछ बता देती है। यह दृश्य दिल को झकझोर देता है।