अस्पताल के बिस्तर पर बैठे युवक का चेहरा देखकर दिल दहल जाता है। वह फोन पर किसी से बात कर रहा है और उसकी आवाज़ में दर्द साफ़ झलक रहा है। शायद वह अपनी प्रेमिका को खो चुका है या फिर कोई गहरा राज़ छिपा है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियाँ हमें यही सिखाती हैं कि प्यार में त्याग सबसे बड़ा होता है।
शाम की रोशनी में मोमबत्ती जल रही थी, वाइन का गिलास आधा भरा था, लेकिन उन दोनों के बीच की दूरी बढ़ती जा रही थी। लड़की फोन पर बात कर रही थी और लड़का चुपचाप उसे देख रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की कहानी उनके बीच भी चल रही हो।
जब वह लड़का अस्पताल में फोन पर बात कर रहा था, तो उसकी आँखों में आँसू थे। शायद वह अपनी प्रेमिका से आखिरी बार बात कर रहा था। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियाँ हमें यही सिखाती हैं कि प्यार में त्याग सबसे बड़ा होता है।
लड़की के चेहरे पर उदासी थी, जबकि लड़का उसे देखकर मुस्कुरा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वे दोनों एक दूसरे से दूर हो रहे हैं। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियाँ हमें यही सिखाती हैं कि प्यार में त्याग सबसे बड़ा होता है।
अस्पताल के कमरे में सन्नाटा था, केवल फोन की घंटी बज रही थी। लड़का बिस्तर पर बैठकर किसी से बात कर रहा था, लेकिन उसकी आवाज़ में दर्द था। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियाँ हमें यही सिखाती हैं कि प्यार में त्याग सबसे बड़ा होता है।