जब दुल्हन ने माइक पर कहा कि वह शादी नहीं करेगी, तो पूरा माहौल सन्न रह गया। दूल्हा हैरान खड़ा था और मेहमानों की आंखें फटी की फटी रह गईं। यह दृश्य १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की याद दिलाता है जहां भावनाएं चरम पर होती हैं। दुल्हन का साहस और दूल्हे की बेबसी देखकर दिल दहल गया।
दुल्हन ने सबके सामने सच बोल दिया कि उसका दिल किसी और के पास है। दूल्हा टूट गया लेकिन उसने सम्मान दिया। यह पल १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसा दर्दनाक था। कभी-कभी सच्चाई बोलना सबसे बड़ा प्यार होता है, भले ही वह किसी का दिल तोड़ दे।
जब दुल्हन ने शादी रोक दी, तो मेहमानों के चेहरे देखने लायक थे। कोई हैरान, कोई दुखी, तो कोई फुसफुसा रहा था। यह दृश्य १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की तरह ही ड्रामेटिक था। हर किसी की आंखों में सवाल था कि आगे क्या होगा।
दूल्हा कुछ बोल नहीं पाया, बस खड़ा रहा। उसकी आंखों में दर्द और सम्मान दोनों था। यह खामोशी १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना के उस पल जैसी थी जब प्यार हार जाता है। कभी-कभी चुप रहना सबसे बड़ी बात होती है।
सबके सामने सच बोलना आसान नहीं होता, लेकिन दुल्हन ने कर दिखाया। उसकी आवाज कांप रही थी लेकिन वह डटी रही। यह पल १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना की याद दिलाता है जहां एक पल सब बदल देता है। साहस की मिसाल।