शुरुआत में ही तलाक समझौता देखकर दिल दहल गया। पति का चेहरा और पत्नी की आंखों में छलकता दर्द बिल्कुल असली लगता है। जब वह कागज फेंक देती है, तो लगता है जैसे रिश्ते की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई हो। सौ बार अलविदा, पीछे नहीं हटना वाली फीलिंग आती है जब वह घर छोड़कर जाती है।
अंधेरे जंगल में सूटकेस लेकर चलती महिला का दृश्य बहुत रहस्यमयी था। फिर अचानक मार्था का मिलना और आग के पास बैठकर बातें करना... ऐसा लगा जैसे दो टूटी हुई आत्माएं एक दूसरे को ढूंढ रही हों। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना सुकून देता है।
मार्था के हाथों पर लाल निशान देखकर हैरानी हुई। क्या यह आग से जलने के निशान हैं या फिर किसी गहरे दर्द का प्रतीक? जब वह पानी से धोती है तो भी निशान नहीं जाते, यह डिटेल बहुत गहरी है। शायद यह दर्द बाहर से नहीं, अंदर से आता है।
अचानक सेलो बजाते हुए दृश्य आया तो लगा जैसे समय थम गया हो। संगीत और उसका चेहरा... दोनों में एक अजीब सी उदासी थी। शायद यह उसकी यादों को बयां कर रहा था। सौ बार अलविदा, पीछे नहीं हटना वाली स्थिति में संगीत ही सहारा बन जाता है।
बाथरूम में शीशे के सामने खड़ी होकर अपने हाथों को देखती महिला का दृश्य बहुत इमोशनल था। वह खुद से बातें कर रही थी या फिर अपने अतीत से? उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर थकान साफ दिख रही थी। नेटशॉर्ट की स्टोरीटेलिंग कमाल की है।