शुरुआत में ही वह हरा गाउन और सूट पहने कलाकारों की केमिस्ट्री ने दिल जीत लिया। बैकस्टेज का माहौल इतना असली लगता है कि लगता है हम भी वहीं खड़े हैं। जब वह कुर्सी से उठती है, तो उसकी चाल में एक अलग ही आत्मविश्वास है। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियों में ऐसे पल ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। मिरर के सामने वाला सीन तो बिल्कुल कांच जैसा साफ़ था।
जब ऑडियंस में बैठे लोग रिएक्ट करते हैं, तो लगता है जैसे हम भी उनके साथ सीट पर बैठे हैं। ब्लैक और रेड ड्रेस वाली लड़की का एक्सप्रेशन देखकर हंसी रुक नहीं रही थी। वहीं सामने वाले लड़के की गंभीरता ने बैलेंस बनाए रखा। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। हर चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं साफ़ झलक रही थीं।
सफेद गाउन में नाचती हुई लड़कियों का सीन देखकर लगता है जैसे कोई सपना चल रहा हो। उनकी मूवमेंट्स इतनी सटीक थीं कि सांस रोककर देखना पड़ा। फिर माइक वाले आदमी की एंट्री ने माहौल बदल दिया। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसे ड्रामे में ऐसे ट्विस्ट ही तो उम्मीदें बढ़ाते हैं। स्टेज की लाइटिंग और उनके एक्सप्रेशन का कॉम्बिनेशन कमाल का था।
जब वह माइक लेकर स्टेज पर आया, तो उसकी आवाज़ में एक अलग ही जादू था। उसकी टाई और सूट की स्टाइल देखकर लगता है जैसे कोई पुराने जमाने का हीरो हो। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना में ऐसे किरदार ही तो कहानी को नया मोड़ देते हैं। उसके हर शब्द में दर्शकों को बांधने की ताकत थी। बैकग्राउंड में लाइट्स का खेल तो बस देखने लायक था।
जब वह गुलाबी गाउन पहनकर स्टेज पर आई, तो लगता है जैसे कोई परी उतर आई हो। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो कैमरे तक पहुंच रही थी। १०० बार अलविदा, पीछे नहीं हटना जैसी कहानियों में ऐसे पल ही तो यादगार बन जाते हैं। उसकी चाल और मुस्कान ने सबका ध्यान खींच लिया। बैकग्राउंड में वायलिन की आवाज़ तो बस जादू बिखेर रही थी।