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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां11एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पिता का क्रूर फैसला

इस दृश्य में पिता का व्यवहार सच में दिल तोड़ने वाला है। अपनी ही बेटी को भिखारी कहकर अपमानित करना और मोहिनी को ही इकलौती बेटी मानना बहुत कठोर लगता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में दिखाया गया यह पारिवारिक संघर्ष दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर देता है। बेटी का दर्द साफ महसूस हो रहा है।

ताबीज का रहस्य

वह सफेद ताबीज जिसके लिए इतना हंगामा मचा है, असल में आदिवीर ने दिया था। मोहिनी और उसके साथियों का यह सोचना कि भिखारी के पास ऐसा कीमती सामान कैसे हो सकता है, उनकी सोच की सीमा दिखाता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह ताबीज कहानी का अहम मोड़ बन गया है।

बेटी का साहसिक कदम

जब पिता ने रिश्ता तोड़ने को कहा तो बेटी ने झुकने के बजाय खुद ही सब संबंध खत्म करने का फैसला किया। उसका घुटनों के बल बैठकर सिर झुकाना और फिर खड़े होकर फैसला सुनाना बहुत प्रभावशाली था। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह दृश्य सबसे यादगार है।

माँ का दुख भरा चेहरा

माँ का चेहरा देखकर लगता है कि वह सब कुछ सहन कर रही है लेकिन कुछ नहीं कर सकती। उसकी आँखों में आँसू और चेहरे पर पीड़ा साफ दिख रही है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में माँ का किरदार बहुत ही संवेदनशील बनाया गया है जो दर्शकों का दिल जीत लेता है।

मोहिनी की चालाकी

मोहिनी का ताबीज छीनना और फिर शर्त रखना कि रिश्ता तोड़ो तभी वापस मिलेगा, यह उसकी चालाकी दिखाता है। वह जानबूझकर दूसरी बेटी को नीचा दिखाना चाहती है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में मोहिनी का किरदार बहुत ही जटिल और दिलचस्प है जो कहानी को आगे बढ़ाता है।

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