ईशानी के पैरों से बहता खून देखकर दिल दहल गया। आदिवीर की आंखों में वो गुस्सा और बेबसी साफ दिख रही थी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वो पिंक ड्रेस वाली लड़की कितनी बेरहम है, अपनी बहन को आग पर चलने के लिए मजबूर करती है। आदिवीर का उस तावीज को पकड़ना और ईशानी को बचाने की कोशिश देखकर लगता है कि इनके बीच कोई गहरा राज छिपा है।
पिंक ड्रेस वाली बहन का दोहरा चरित्र देखकर हैरानी हुई। पहले मदद करने का नाटक और फिर आदिवीर को भिखारी कहकर अपमानित करना। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ये ट्विस्ट बहुत तेज है। जब आदिवीर ने गार्ड्स को आदेश दिया, तो उसका चेहरा पीला पड़ गया। लगता है उसे नहीं पता था कि आदिवीर इतना ताकतवर है। ईशानी की मासूमियत और उस बहन की चालाकी का कंट्रास्ट कमाल का है।
जब आदिवीर ने गार्ड्स को आदेश दिया 'इन्हें पकड़ो', तो पूरा माहौल बदल गया। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में हीरो का ये अवतार देखने लायक है। वो सिर्फ ईशानी को बचाने के लिए नहीं, बल्कि उन सबको सबक सिखाने के लिए तैयार है जो उसके प्यार को चोट पहुंचाते हैं। उसकी आंखों में वो आग देखकर लगता है कि अब वो चुप नहीं बैठेगा। ईशानी की हालत देखकर उसका गुस्सा साफ जायज है।
वो टूटा हुआ तावीज किस बात की निशानी है? आदिवीर और ईशानी के बीच का ये कनेक्शन बहुत गहरा लगता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में हर ऑब्जेक्ट के पीछे एक कहानी है। ईशानी कहती है कि उसने तावीज नहीं खोया, मतलब वो जानबूझकर छिपाया गया था। शायद उस पिंक ड्रेस वाली बहन ने ही ये सब साजिश रची है। आदिवीर का उस तावीज को संभाल कर रखना बताता है कि ये उसके लिए कितना कीमती है।
पिंक ड्रेस वाली लड़की का अहंकार चूर-चूर हो गया जब आदिवीर ने अपनी असली ताकत दिखाई। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ये सीन बहुत संतोषजनक है। वो खुद को राजमहल की मालकिन बता रही थी, लेकिन असल में वो एक साजिशकर्ता निकली। आदिवीर का उससे पूछना 'तुम खुद को समझते क्या हो' उसकी औकात याद दिलाने के लिए काफी था। अब देखना है कि वो कैसे माफी मांगती है या फिर सजा पाती है।