मोहिनी के विवाह में सोने के गहने और रेशमी वस्त्रों की बौछार देखकर ईर्ष्या हो रही है, वहीं इशानी के पास कुछ नहीं है। यह दृश्य समाज की कड़वी सच्चाई दिखाता है जहाँ दहेज ही सब कुछ है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह असमानता दिल को छू लेती है। मोहिनी का घमंड और इशानी की चुप्पी बहुत कुछ कह जाती है।
राजमहल के पुत्र विक्रम की घोड़े पर सवार होकर एंट्री देखते ही बनती है। लाल रंग के वस्त्र और भव्य बारात ने माहौल को चार चाँद लगा दिए। मोहिनी के चेहरे पर जो खुशी है वह साफ़ झलक रही है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी के इस सीन में वैभव और उत्सव का बेहतरीन संगम है। विक्रम का आत्मविश्वास लाजवाब है।
जब सब बारात का इंतज़ार कर रहे हैं, मोहिनी इशानी को ताना मारती है कि उसका वर तो भिखारी है। यह संवाद बहुत तीखा है और बहनों के बीच की कड़वाहट को उजागर करता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में इशानी की आँखों में छिपा दर्द साफ़ दिख रहा है। समय बीत रहा है पर वर नहीं आया, तनाव चरम पर है।
सब इशानी के वर का मज़ाक उड़ा रहे हैं, लेकिन अंत में जो युवक आता है उसकी सादगी में एक अलग तेज है। उसने सास ससुर को प्रणाम किया तो लगा कि यह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह ट्विस्ट बहुत रोमांचक है। शायद यह भिखारी नहीं बल्कि कोई महान योद्धा हो।
पिताजी विक्रम का स्वागत करते हुए फूले नहीं समा रहे हैं, जबकि इशानी की ओर कोई ध्यान नहीं। माँ भी मोहिनी की किस्मत पर गर्व कर रही हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में परिवार के इस भेदभाव ने गुस्सा दिलाया। इशानी अकेली खड़ी है और सब उसे हीन साबित करने में लगे हैं।