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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां9एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

मायके की वापसी पर अपमान

इशानी देवी जब अपने मायके लौटती हैं, तो उन्हें अपने ही परिवार से घृणा और ताने सुनने को मिलते हैं। उनकी बहन मोहिनी और उसके पति का घमंड देखकर दिल दुखता है। माता-पिता का रवैया भी बेहद निराशाजनक है, जो सिर्फ धन और हैसियत देखते हैं। इशानी का धैर्य और संयम इस स्थिति में काबिले तारीफ है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में भावनात्मक दृश्यों ने रूह को झकझोर दिया।

घमंडी बहन और उसका अहंकार

मोहिनी का व्यवहार अपनी बहन इशानी के प्रति बेहद क्रूर है। वह अपने पति की दौलत के घमंड में चूर है और इशानी के पति को भिखारी कहकर उसका मजाक उड़ाती है। उसकी माँ भी उसी का साथ दे रही है। यह दिखाता है कि कैसे पैसा इंसान के रिश्तों को कैसे खराब कर देता है। इशानी की चुप्पी और दर्द साफ झलक रहा है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी की कहानी बहुत ही दिलचस्प है।

माता-पिता का पक्षपात

इशानी के माता-पिता का व्यवहार बेहद पक्षपाती है। वे मोहिनी और उसके अमीर पति की चापलूसी करते हैं, जबकि अपनी दूसरी बेटी इशानी को नीचा दिखाते हैं। इशानी का लाया हुआ तोहफा, जो दिल से बना था, उसे वे ठुकरा देते हैं। यह दृश्य देखकर गुस्सा आता है कि कैसे माता-पिता भी अपने बच्चों के बीच भेदभाव कर सकते हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में परिवारिक कलह को खूब दिखाया गया है।

इशानी का धैर्य और संयम

इतने अपमान और तानों के बावजूद इशानी देवी का धैर्य नहीं टूटता। वह शांत रहती हैं और अपने पति के बारे में एक शब्द भी बुरा नहीं कहतीं। उनका यह संयम और आत्मसम्मान काबिले तारीफ है। वे जानती हैं कि सच्चाई एक दिन सामने आएगी। उनका यह रवैया दर्शकों को प्रेरित करता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में इशानी का किरदार बहुत मजबूत है।

दिल से बना तोहफा

इशानी देवी का अपने माता-पिता के लिए लाया गया तोहफा, एक सुरक्षा धागा, बहुत ही भावुक करने वाला था। यह दिखाता है कि वे अपने परिवार से कितना प्यार करती हैं, भले ही वे उनसे कितना भी बुरा व्यवहार क्यों न करें। लेकिन उनका यह प्यार भरा तोहफा भी उनके माता-पिता को पसंद नहीं आया। यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं।

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