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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां2एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बहन का घमंड और बहन का दर्द

मोहिनी का अहंकार देखकर गुस्सा आता है, जबकि ईशानी की चुप्पी में कितना दर्द छिपा है। पिताजी का पक्षपात और माँ की मजबूरी, सब कुछ इतना वास्तविक लगता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में भावनाओं का यह संघर्ष दिल को छू लेता है।

राजा का भेष और आम जनता

आर्यवीर महाराज का साधारण कपड़ों में घूमना और माधव की चिंता देखकर हंसी आती है। राजा का भीड़ में मिलना और स्वयंवर में हिस्सा लेना, यह कहानी कितनी रोचक मोड़ ले रही है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य बहुत पसंद आया।

पिछले जन्म का बदला

मोहिनी का कहना कि पिछले जन्म में भिखारी ने माला ली थी, यह रहस्य कौन सुलझाएगा? ईशानी की आंखों में आंसू और मोहिनी की मुस्कान, यह द्वंद्व बहुत गहरा है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी की कहानी में यह मोड़ शानदार है।

स्वयंवर का तनाव

लाल गुब्बारा और भीड़ का उत्साह, स्वयंवर का माहौल बहुत खूबसूरत है। ईशानी का गुब्बारा फेंकना और आर्यवीर का उसे पकड़ना, यह संयोग या नियति? नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखकर रोमांचित हो गए।

माँ की ममता और बेटी की जिद

माँ का ईशानी को समझाना और मोहिनी का घमंड, परिवार के रिश्तों की यह जटिलता बहुत अच्छे से दिखाई गई है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में हर किरदार की अपनी कहानी है।

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