इशानी को महारानी पर हमले का दोषी ठहराना कितना अन्यायपूर्ण है! वह तो बस उत्सव का आयोजन कर रही थी, फिर भी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में जब वह सफाई देती है तो लगता है कि सच सामने आएगा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ दिल को छू लेते हैं।
विक्रम ने इशानी के लिए गवाही देने का फैसला करके सबको चौंका दिया। वह जानता है कि सच क्या है, और अब वह उसे सामने लाने के लिए तैयार है। यह दृश्य देखकर लगता है कि न्याय जरूर मिलेगा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी की कहानी में यह पल बहुत महत्वपूर्ण है।
महारानी पर हमला होना और इशानी को दोषी ठहराना एक बड़ी साजिश लगती है। विक्रम ने सही कहा कि इशानी ने हर व्यक्ति की जांच की थी, फिर भी उसे दोषी क्यों माना जा रहा है? (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे सवाल दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
इशानी का कहना कि उसे हथियार कैसे आए, यह नहीं पता, बहुत मायने रखता है। वह सच बोल रही है, लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुन रहा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे पल दर्शकों को इशानी के पक्ष में खड़ा कर देते हैं।
विक्रम ने खुद मामले की जांच करने का फैसला करके सबको हैरान कर दिया। वह जानता है कि इशानी बेगुनाह है, और अब वह सच सामने लाएगा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह पल बहुत रोमांचक है।