जब ईशानी जमीन पर गिरकर खून उगलती है, तो दिल दहल जाता है। विक्रम जी का गुस्सा और देव महल वालों का धोखा सब कुछ बर्बाद कर रहा है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह सीन देखकर रोना आ गया। आदिवीर का सहारा ही एकमात्र उम्मीद है।
विक्रम जी जब चिल्लाते हैं कि राजमाता का अपमान हुआ है, तो उनकी आवाज़ में सच्चा दर्द है। वे नियमों के पालन की बात करते हैं, लेकिन ईशानी के प्रति उनका प्यार साफ झलकता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का यह मोड़ बहुत तेज़ है।
आदिवीर ने ईशानी को गोद में उठाया और कहा कि कोई नहीं बचा सकता। यह डायलॉग सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। वह जानता है कि मौत सामने है, फिर भी वह पीछे नहीं हटा। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसा प्यार कम ही देखने को मिलता है।
गुलाबी पोशाक पहनी महिला की मुस्कान में जहर है। वह ईशानी को मृत्युदंड का अपराध बताती है, लेकिन असल में वह खुद षड्यंत्र रच रही है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह किरदार बहुत चालाक लगता है। उसकी हर हरकत संदेह पैदा करती है।
देव महल वालों ने ईशानी से रिश्ता तोड़ दिया, यह सुनकर हैरानी हुई। वे नियमों की बात करते हैं, लेकिन असल में वे डरपोक हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में परिवार का धोखा सबसे बड़ा दर्द है। ईशानी अकेली पड़ गई है।