गुलाबी पोशाक वाली मोहिनी की आँखों में जो नफरत है, वो रोंगटे खड़े कर देती है। अपनी ही बहन ईशानी के पति आदिवीर को मारने के लिए तैयार होना किसी विलेन से कम नहीं लगता। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे ट्विस्ट देखकर दिल दहल जाता है। मोहिनी का ये कहना कि वो दोनों को एक साथ विदा कर देगी, सच में बहुत डरावना था।
ईशानी का अपने पति आदिवीर के लिए रोना और उसे भाग जाने के लिए कहना दिल को छू लेता है। मोहिनी जैसे क्रूर इंसान के सामने भी वो घुटनों पर बैठकर विनती कर रही थी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में दिखाया गया ये प्रेम बहुत गहरा है। आदिवीर का भी पीछे न हटना और ईशानी को छोड़ने से इनकार करना सच्चे प्यार की मिसाल है।
जब मोहिनी तीर चलाने ही वाली थी, तभी राजमाता की एंट्री ने सबके होश उड़ा दिए। मोहिनी का तुरंत घुटनों पर गिर जाना और डर के मारे कांपना बताता है कि राजमाता कितनी शक्तिशाली हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ये मोड़ बहुत रोमांचक था। अब देखना ये है कि राजमाता इस स्थिति में क्या फैसला लेती हैं।
आदिवीर भले ही घायल हैं, लेकिन उनका हौसला टूटा नहीं है। वो मोहिनी को चुनौती दे रहे हैं और ईशानी को बचाने के लिए तैयार हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में आदिवीर का ये किरदार बहुत प्रभावशाली लगा। उनका ये कहना कि 'मुझसे बेकार की बातें मत करो' उनकी निडरता को दर्शाता है।
मोहिनी की ईशानी से जलन साफ दिख रही है। वो कहती है कि ईशानी जितनी अच्छी है, वो उतना ही नहीं चाहती कि वो कभी सुखी रहे। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में मोहिनी का ये किरदार बहुत नकारात्मक लेकिन दिलचस्प है। उसकी नफरत की वजह शायद कोई पुरानी दुश्मनी हो सकती है।