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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां44एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजमाता का क्रोध और ईशानी की चाल

ईशानी की चालाकी देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसने कैसे राजमाता को फंसाया और खुद को बचा लिया, यह देखना दिलचस्प है। डबिंग पुनर्जन्म भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। आग लगने का दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था।

ईशानी का मासूम चेहरा और खतरनाक इरादे

ईशानी का मासूम चेहरा और उसकी आँखों में छिपी चालाकी कमाल की है। वह कैसे राजमाता के सामने रोती है और फिर पीछे से वार करती है, यह देखना रोमांचक है। डबिंग पुनर्जन्म भाग्य की महारानी में ऐसे किरदार दर्शकों को हैरान करते रहते हैं।

राजमाता की शक्ति और ईशानी की चालाकी

राजमाता की शक्ति और ईशानी की चालाकी के बीच का संघर्ष बहुत ही दिलचस्प है। ईशानी कैसे राजमाता को फंसाती है और खुद को बचाती है, यह देखना रोमांचक है। डबिंग पुनर्जन्म भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं।

आग का दृश्य और ईशानी की चाल

आग लगने का दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। ईशानी ने कैसे इसका फायदा उठाया और राजमाता को फंसाया, यह देखना दिलचस्प है। डबिंग पुनर्जन्म भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ दर्शकों को हैरान करते हैं।

ईशानी की चालाकी और राजमाता का क्रोध

ईशानी की चालाकी और राजमाता का क्रोध देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ईशानी ने कैसे राजमाता को फंसाया और खुद को बचा लिया, यह देखना दिलचस्प है। डबिंग पुनर्जन्म भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं।

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