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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानीवां20एपिसोड

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(डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी

स्वयंवर में ईशानी ने विक्रम को चुना। जबकि मोहिनी को सिर्फ़ भिखारी मिला। ईर्ष्या में उसने अपनी बहन की हत्या कर दी। नियति ने दोनों को फिर पिछले जन्म में पहुँचा दिया। इस बार मोहिनी ने छल से विक्रम पा लिया। ईशानी का विवाह भिखारी से करा दिया। पर स्वार्थी विक्रम पत्नी को मोहरा समझा। और वही भिखारी छद्मवेशी सम्राट निकला। अंत में ईशानी महारानी बनी। मोहिनी अपने लोभ की सज़ा पाई।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजमाता की परीक्षा

इस दृश्य में तनाव साफ झलकता है जब राजमाता ईशानी को महारानी बनाने के खिलाफ खड़ी होती हैं। आदिवीर का दृढ़ संकल्प और ईशानी की चिंता दर्शकों को बांधे रखती है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक है।

आदिवीर का वादा

आदिवीर का ईशानी से किया वादा दिल को छू लेता है। वह हर बाधा पार करके उसे महारानी बनाने की ठान चुके हैं। राजमाता की शर्तें कहानी में नया मोड़ लाती हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखना लाजिमी है।

ईशानी की उलझन

ईशानी के चेहरे पर भ्रम और चिंता साफ दिख रही है। वह समझ नहीं पा रही कि आखिर हुआ क्या है। आदिवीर का उसे संभालना और राजमाता का विरोध कहानी को और दिलचस्प बनाता है।

राजमहल का माहौल

फुनिंग महल का सेट डिजाइन और पोशाकें बेहतरीन हैं। राजमाता की भव्य वेशभूषा और आदिवीर का शाही अंदाज दृश्य को जीवंत बनाता है। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह दृश्य बहुत यादगार है।

माँ और बेटे का संघर्ष

राजमाता और आदिवीर के बीच का संवाद बहुत तीखा है। माँ का विरोध और बेटे का जिद्दीपन दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। यह रिश्ता कहानी की रीढ़ बन गया है।

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