इशानी ने जिस तरह से आदि वीर को अपना पति चुना, वह सच में दिल को छू गया। सब लोग उसे पागल कह रहे थे, लेकिन उसने अपनी आँखों से देखा और दिल से फैसला किया। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं जहाँ प्यार सब कुछ जीत लेता है। उसकी आवाज़ में जो दृढ़ता थी, वह किसी रानी से कम नहीं थी।
आदि वीर ने खुद कहा कि उसके पास कुछ नहीं है, फिर भी इशानी ने उसे चुना। यह दिखाता है कि असली दौलत दिल में होती है, जेब में नहीं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का यह सीन मुझे बहुत पसंद आया क्योंकि यहाँ पैसा नहीं, चरित्र मायने रखता है। इशानी की बातें सुनकर लगता है जैसे वह भविष्य देख सकती हो।
इशानी के माता-पिता उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। यह संघर्ष हर घर में होता है जब बच्चे अपने रास्ते चुनते हैं। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में यह टकराव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। इशानी ने साबित किया कि भविष्य पद से नहीं, चरित्र से बनता है।
सब कह रहे थे कि स्वयंवर का नियम टूट गया, लेकिन इशानी ने तो बस अपने दिल की सुनी। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। क्या नियमों से बड़ा प्यार होता है? इशानी ने इसका जवाब दे दिया। उसकी आँखों में जो चमक थी, वह किसी नियम से नहीं रोकी जा सकती।
आदि वीर शर्मिंदा था कि वह इशानी के लायक नहीं, लेकिन इशानी ने उसे गर्व से अपना पति घोषित किया। (डबिंग) पुनर्जन्म: भाग्य की महारानी का यह पल मुझे बहुत भा गया। इशानी ने साबित किया कि प्यार में कोई ऊंच-नीच नहीं होती। उसकी बातें सुनकर लगता है जैसे वह भविष्य देख सकती हो।