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Pawan Mukka Ka Badlaवां12एपिसोड

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Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शुरुआत का प्यारा वादा

शुरुआत में वो छोटी बच्ची और सफेद कपड़े वाला दृश्य बहुत प्यारा लगा। लगता है कोई गहरा वादा हुआ था बीच में। फिर अचानक अस्पताल का माहौल देखकर तनाव हो गया। बूढ़े आदमी का प्रवेश धमाकेदार था और गुस्सा साफ दिख रहा था। पवन मुक्का का बदला में ऐसे मोड़ उम्मीद से ज्यादा हैं। काश पता चलता वो लड़का कौन है। देखने में मज़ा आ रहा है और आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

अस्पताल का रहस्य

अस्पताल वाले दृश्य में नर्स की घबराहट साफ दिख रही थी। वो मरीज बेहोश पड़ा था और बूढ़े आदमी ने नब्ज चेक की। लगता है कोई बड़ा राज छिपा है इस कमरे में। पवन मुक्का का बदला की कहानी में गहराई है जो धीरे धीरे खुल रही है। वो चित्र देखकर गुस्सा क्यों हुआ। सवाल बहुत हैं दिमाग में। अभिनय काफी स्वाभाविक लगा और माहौल थोड़ा डरावना था। आगे की कहानी का इंतज़ार रहेगा।

खलनायक का गुस्सा

बूढ़े आदमी का गुस्सा और लाठी का इस्तेमाल देखकर लगा वो कोई बड़ा गुंडा है। उसके आदमी भी डरे हुए थे और चुपचाप खड़े थे। फिर उसने कागज देखा और आग बबूला हो गया। पवन मुक्का का बदला में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत लग रहा है। वो लड़का जिसकी तलाश है वो रिक्शा चला रहा था। ये मोड़ अच्छा लगा और कहानी में जान डाल दी। अब वो पकड़ा जाएगा या बच जाएगा ये देखना है।

पुराने ढंग की पहचान

चित्र वाला दृश्य बहुत पुराने ढंग का लगा। पुराने जमाने में ऐसे ही पहचानते थे लोगों को। गली में सब उसकी तलाश कर रहे थे और शोर मचा था। पवन मुक्का का बदला की मंच सजावट बहुत अच्छी है और मेहनत दिखती है। पुरानी सड़कें और कपड़े सब सही लग रहे थे उस दौर के। नायक का प्रवेश शांत था लेकिन आंखों में गुस्सा था। मुझे ये सादगी पसंद आई और किरदार की गहराई समझ आई।

रिक्शा वाले की पहचान

रिक्शा चलाने वाला लड़का वही है जिसकी तस्वीर थी। ये कैसे मुमकिन है। लगता है वो छिप रहा था सबसे। पवन मुक्का का बदला में रहस्य बना हुआ है और हर पल नया लग रहा है। जब उसने कागज देखा तो चेहरा बदल गया और गंभीर हो गया। कलाकार ने बिना बोले सब कह दिया अपनी आंखों से। ये हुनर कमाल का है और देखने लायक है। मुझे ये चुप्पी वाली अभिनय बहुत पसंद आई और प्रभावित किया।

दोस्ती और तनाव

लड़की और लड़के की दोस्ती अच्छी लगी शुरुआत में। शायद वही वजह है ये सब झगड़े और तनाव। पवन मुक्का का बदला में भावनात्मक पक्ष भी है जो कहानी को जोड़ता है। बूढ़ा आदमी क्यों पागल हो रहा है। क्या वो लड़का उसका दुश्मन है। सवाल बढ़ते जा रहे हैं हर दृश्य के साथ। संवाद कम थे लेकिन असर ज्यादा था और गहरा था। मुझे ये शैली पसंद आया और बहुत अच्छा लगा।

खतरे का माहौल

अस्पताल का माहौल बहुत तनावपूर्ण था और डरावना लगा। नर्स डरी हुई थी और मरीज बेहोश पड़ा था बिना हिले। पवन मुक्का का बदला में हर जगह खतरा है और कोई भरोसा नहीं। बूढ़े आदमी की दहाड़ से सब डर गए और चुप हो गए। वो चित्र किसी ने बनाया होगा बदला लेने के लिए। कहानी में बदले की आग साफ दिख रही है और जल रही है। मुझे ये विषय बहुत पसंद आई और अच्छी लगी।

गली के असली दृश्य

गली के दृश्य बहुत असली लगे और जानदार थे। भीड़ और शोर सब वैसा ही था जैसे पुराने जमाने में होता था। पवन मुक्का का बदला का निर्देशन शानदार है और बारीकियों का ध्यान रखा। जब सब उसकी तलाश में थे तो वो सामने से गुजरा बिना डरे। ये हिम्मत की बात है और बहादुरी है। नायक का किरदार निडर लग रहा है और मजबूत है। मुझे ये साहस पसंद आया और प्रभावित किया बहुत।

कपड़ों की बारीकियां

कपड़े और सजावट से पुराना दौर याद आया और अच्छा लगा। लाल फूल वाला कपड़ा यादगार लगा और मायने रखता है। पवन मुक्का का बदला में दृश्यों पर काम हुआ है और मेहनत दिखती है। बूढ़े आदमी के कपड़े बहुत अमीराना थे और रंगीन थे। वो लड़का सादा कपड़े पहने था और सादगी थी। ये अंतर अच्छा था और कहानी को बढ़ाया। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी ये देखना है और इंतज़ार है।

कुल मिलाकर शानदार

कुल मिलाकर ये नाटक बहुत रोचक है और बांधे रखता है। हर दृश्य में कुछ नया है और रहस्य बना है। पवन मुक्का का बदला को जरूर देखना चाहिए और मिस नहीं करना। अभिनय और कहानी दोनों संतुलित हैं और अच्छे हैं। वो चित्र वाला मोड़ सबसे अच्छा लगा और याद रहेगा। अब बदला कैसे होगा ये जानना है और उत्सुकता है। मुझे ये सफर पसंद आया और अच्छा लगा बहुत।